Rohini Acharya: राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने जीतन राम मांझी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने अपने माता-पिता, लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी पर की गई टिप्पणी को लेकर मांझी को कड़ी चेतावनी दी है। रोहिणी ने स्पष्ट किया कि वह अपने माता-पिता के सम्मान में कोई समझौता नहीं करेंगी और अभद्र भाषा का जवाब उसी शैली में देंगी।
जीतना राम मांझी को सीधी चेतावनी
रोहिणी आचार्य ने जीतन राम मांझी के उस बयान पर अपनी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने ‘किसी’ के बयान को आधार बनाकर लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी पर ओछी टिप्पणी की थी। रोहिणी ने कहा कि मांझी ने बेवजह और पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर यह बयान दिया था, जिसका उनके माता-पिता से कोई सरोकार नहीं था। उन्होंने एक बेटी के तौर पर मांझी को करारा जवाब देना अपना फर्ज समझा।
मेरे लिए मेरे माता-पिता से बढ़ कर इस दुनिया में कोई और नहीं है। मेरे माता-पिता पर अगर कोई अभद्र-अमर्यादित टिप्पणी करेगा तो मेरी तरफ से उसे जवाब बिल्कुल वैसी ही भाषा में मिलेगा, जिस भाषा में टिप्पणी की गयी होगी।
उन्होंने आगे कहा कि वह भाषा की मर्यादा का पूरा ध्यान रखती हैं और उनका भी सम्मान करती हैं, जो अपनी बात दायरे में रहकर रखते हैं। यह बयान बिहार की राजनीति में एक नए विवाद को जन्म दे सकता है।
‘मैं अपनी राय बदलने वालों में से नहीं’
पिछले कुछ दिनों से मीडिया के कुछ प्लेटफॉर्म पर यह नैरेटिव चल रहा था कि रोहिणी आचार्य ‘किसी’ का बचाव कर रही हैं। इस पर उन्होंने अपनी स्थिति स्पष्ट की है। रोहिणी आचार्य ने साफ कहा कि वह अपनी राय पल-पल बदलने वालों में से नहीं हैं।
मैं ये बिल्कुल ही स्पष्ट कर देना चाहती हूँ कि मैं पल-पल अपनी राय बदलने वालों में से नहीं हूँ। मेरे लिए जो गलत था या है, वो गलत ही था और रहेगा, चाहे वो कोई हो। मैं अपने स्टैंड, अपनी राय, अपने विचार पर दृढ़ता से कायम रहने वालों में से हूँ और आगे भी ऐसे ही रहने वाली हूँ।
रोहिणी आचार्य का यह बयान उनकी राजनीतिक दृढ़ता और पारिवारिक निष्ठा को दर्शाता है। इससे स्पष्ट होता है कि वह किसी भी कीमत पर अपने सिद्धांतों और परिवार के सम्मान से समझौता नहीं करेंगी।
मेरे लिए मेरे माता – पिता से बढ़ कर इस दुनिया में कोई और नहीं है , मेरे माता – पिता पर अगर कोई अभद्र – अमर्यादित टिप्पणी करेगा तो मेरी तरफ से उसे जवाब बिल्कुल वैसी ही भाषा में मिलेगा, जिस भाषा में टिप्पणी की गयी होगी.. जीतन राम मांझी जी ने लालू जी और राबड़ी देवी जी के बारे में ‘किसी’ के उस बयान को संदर्भ में रख कर अभ्रद टिप्पणी की थी , जिस बयान से लालू जी और राबड़ी देवी जी का कोई लेना – देना व् सरोकार नहीं था , मांझी जी ने विषय से भटक कर बेवजह लालू जी और राबड़ी देवी पर पूर्वाग्रह से ग्रसित हो कर बेहद ओछी टिप्पणी की , तो मेरी तरफ से एक बेटी होने के नाते उन्हें माकूल जवाब दिया जाना लाजिमी था ..
मैं भाषा की मर्यादा का ख्याल रखना भी बखूबी जानती हूँ और उनकी मर्यादा का ख्याल भी रखती हूँ , जो अपनी बात मर्यादा के दायरे में रह कर रखा करते हैं …
रही बात कल से मीडिया के कुछ प्लेटफॉर्म्स पर चलायी जा रही एक बिल्कुल ही बेसिर – पैर के नरेटिव की , जिसमें कहा जा रहा है कि ” मैं ‘किसी’ के बचाव में खड़ी हूँ या ‘किसी’ का बचाव कर रही हूँ ” .. तो इस संदर्भ में मैं ये बिल्कुल ही स्पष्ट कर देना चाहती हूँ कि मैं पल – पल अपनी राय बदलने वालों में से नहीं हूँ , मेरे लिए जो गलत था या है , वो गलत ही था और रहेगा , चाहे वो कोई हो.. मैं अपने स्टैंड , अपनी राय , अपने विचार पर दृढ़ता से कायम रहने वालों में से हूँ और आगे भी ऐसे ही रहने वाली हूँ …







