spot_img

बड़ी खबर Bihar Flood Relief बिहार की नदियों से गाद हटाओ, पैसा कमाओ! सरकार ने बनाया शानदार प्लान | इन 19 प्रमुख नदियों पर रहेगी सरकार की नजर!

Bihar Flood Relief: नदियों में जमा गाद अब बिहार सरकार के लिए आपदा नहीं, बल्कि राजस्व का नया स्रोत बनेगी। वैज्ञानिक सर्वे के बाद 19 प्रमुख नदियों से गाद निकालकर निर्माण कार्यों में उपयोग किया जाएगा, जिससे बाढ़ का खतरा घटेगा और खजाना भरेगा।

spot_img
- Advertisement -

Bihar Flood Relief: बिहार की नदियों में दशकों से जमा गाद अब सिर्फ बाढ़ का कारण नहीं बनेगी, बल्कि राज्य सरकार के लिए कमाई का जरिया भी बनेगी। मानसून के बाद खान एवं भूतत्व विभाग 19 प्रमुख नदियों का वैज्ञानिक सर्वे कराएगा। इस पहल से एक ओर जहां बाढ़ से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं दूसरी ओर सरकार को अतिरिक्त राजस्व भी प्राप्त होगा।

- Advertisement -

इस योजना के तहत नदी की तलहटी में जमा मिट्टी और बालू की मात्रा का गहन आकलन किया जाएगा। साथ ही, यह भी निर्धारित किया जाएगा कि कितनी सामग्री निकाली जा सकती है और उसका उपयोग किन विकास परियोजनाओं में किया जा सकेगा। यह कदम बिहार की नदियों की जलधारण क्षमता को बढ़ाने और उनके प्रवाह को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण साबित होगा।

- Advertisement -

पहले वैज्ञानिक सर्वे, फिर नीलामी प्रक्रिया

राज्य सरकार नदियों से सीधे गाद निकालने का काम शुरू नहीं करेगी। पहले वैज्ञानिक तरीके से विस्तृत सर्वे कराया जाएगा, जिसमें नदी के अलग-अलग हिस्सों में जमा गाद की स्थिति का आकलन होगा। इस सर्वे के आधार पर संबंधित जिलों में ‘जिला सर्वे रिपोर्ट’ (DSR) तैयार की जाएगी। रिपोर्ट को मंजूरी मिलने के बाद ही गाद निकालने और उसके उपयोग की आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।

- Advertisement -
यह भी पढ़ें:  अनोखी कांवड़ यात्रा: आंखों पर पट्टी बांधकर 105 KM चल रहा शिवभक्त, वजह जान हिल जाएंगे आप! | पढ़िए - बिन मांगे सब कुछ- अब बस धन्यवाद बाकी

जिला समाहर्ता के माध्यम से नदी से निकाली जाने वाली उपयोगी मिट्टी और बालू की नीलामी की जाएगी। सरकार को उम्मीद है कि इस प्रक्रिया से बड़ी मात्रा में राजस्व मिलेगा। नदियों की तलहटी से अतिरिक्त गाद हटने पर उनकी जलधारण क्षमता में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी, जिससे बाढ़ का प्रकोप कम होगा।

यह भी पढ़ें:  बिहार का ' लुटेरा डिप्टी डायरेक्टर ' घर से मिले काली अकूत संपत्ति, 30 लाख कैश, करोड़ों के गहने, जमीन - निवेश से जुड़े दस्तावेज

इन 19 प्रमुख नदियों पर रहेगी सरकार की नजर

गाद प्रबंधन के लिए सरकार ने फिलहाल 19 प्रमुख नदियों को चिह्नित किया है। इन नदियों में गंगा, कोसी, गंडक, बागमती, बूढ़ी गंडक, कमला-बलान, महानंदा, सिकरहना, बलान, लालबकिया, घोघा, पंचाने, सकरी, बाया, नून, कदाने, मसान, परमान और सुरसर शामिल हैं। सर्वे में यह पता लगाया जाएगा कि किस नदी के किस हिस्से में कितनी गाद जमा है, जिसके बाद गाद निकालने की मात्रा तय की जाएगी।

समस्तीपुर में बूढ़ी गंडक नदी की स्थिति इस समस्या का प्रत्यक्ष उदाहरण है। नदी में जलस्तर बढ़ा होने के बावजूद बीच धारा और किनारों पर गाद के बड़े-बड़े टीले साफ नजर आते हैं, जिन पर घास उगने के कारण वे छोटे टापुओं जैसे दिखते हैं। गाद के कारण नदी की गहराई कम होने से बरसात में पानी फैलने और जल निकासी प्रभावित होने का खतरा बढ़ जाता है।

समस्तीपुर के जिला खनन पदाधिकारी शंभू प्रसाद साहू ने बताया, “जल संसाधन विभाग के साथ समन्वय कर योजना पर काम किया जाएगा। जिला पदाधिकारी के स्तर पर टीम बनाई जाएगी। टीम नदी में जमा गाद का आकलन कर रिपोर्ट तैयार करेगी।”

गाद का उपयोग: सड़क निर्माण से तटबंध तक

नदियों से निकलने वाली उपयोगी मिट्टी और बालू को बेकार नहीं जाने दिया जाएगा। इसका इस्तेमाल सड़क निर्माण, तटबंध बनाने, भराई और दूसरी बुनियादी परियोजनाओं में किया जा सकेगा। इससे निर्माण कार्यों के लिए स्थानीय स्तर पर सामग्री उपलब्ध होगी, जिससे लागत में भी कमी आएगी और नदी का प्रवाह भी बेहतर होने की उम्मीद है।

यह भी पढ़ें:  Darbhanga Police में बड़ा एक्शन: SSP जगुनाथ रेड्डी ने दी 2 पुलिस अधिकारी को कड़ी सजा, जानिए क्यों हुई PC प्रभारी और ASI पर कार्रवाई?

यह योजना Bihar Flood Relief के लिए एक स्थायी समाधान प्रदान करती है, साथ ही राज्य के खजाने को भी मजबूत करेगी। गाद को अब तक समस्या माना जाता था, लेकिन अब यह विकास कार्यों में उपयोग होगी और सरकारी आमदनी बढ़ाएगी। फिलहाल यह प्रक्रिया 19 नदियों से शुरू हो रही है, लेकिन सर्वे के सफल परिणामों के आधार पर इसका दायरा राज्य की अन्य नदियों तक भी बढ़ाया जा सकता है। सरकार का यह कदम नदियों की सफाई और उनके संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

Bihar Student Protest 17 दिन से अनशन पर छात्र, अब सीएम आवास का करेंगे घेराव: क्या सुनेगी सरकार? |25 अगस्त को एकजुट होंगे बिहार...

Bihar Student Protest: बिहार में छात्रों का आंदोलन तेज हो गया है। असिस्टेंट प्रोफेसर की बहाली और परीक्षा सुधार की मांग को लेकर छात्र युवा संघर्ष मोर्चा ने 25 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास#BiharStudentProtest,#CMGherao,#AssistantProfessorRecruitment

चीनी ने बिगाड़ा रसोई का गणित! 15 दिन में ₹17/किलो महंगी हुई, अब क्या होगा? पढ़िए – उत्पादन और एथेनॉल कनेक्शन

Sugar Price Hike: देशभर में चीनी की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, जिससे आम लोगों की रसोई का बजट बिगड़ गया है। पिछले 15 दिनों में चीनी 17 रुपये प्रति किलो तक महंगी हो गई है#SugarPriceHike,#BiharNews,#Inflation

Bihar Politics रोहिणी आचार्य का मांझी को सीधा चैलेंज: सुनिए आगे भी मैं ऐसे ही रहने वाली हूं …आप सोच लीजिए वैसी ही भाषा...

Rohini Acharya: रोहिणी आचार्य ने जीतन राम मांझी को चेतावनी देते हुए कहा है कि माता-पिता पर कोई अभद्र टिप्पणी करेगा तो उसे उसी भाषा में जवाब मिलेगा। उन्होंने मीडिया के नैरेटिव क#RohiniAcharya,#BiharPolitics,#JitanRamManjhi

बड़ी खबर! बिहार के सरकारी स्कूलों में अब फ्री में होगी JEE-NEET की कोचिंग, 24×7 इंटरैक्टिव डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म होगा एक्टिव!

Bihar Education System: बिहार सरकार ने सरकारी स्कूल के छात्रों के लिए बड़ी घोषणा की है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश पर अब JEE और NEET की मुफ्त कोचिंग मिलेगी, जिससे आर्थिक रूप स#BiharNews,#BiharEducation,#JEENEETCoaching