Bihar Sugar Price: बिहार में चीनी की बढ़ती कीमतों को लेकर राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। इसी बीच, राज्य के मंत्री श्रवण कुमार का एक बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने चीनी के दाम बढ़ने को लेकर चौंकाने वाली टिप्पणी की है। इस बयान के बाद बिहार सरकार ने बाजार में चीनी की जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।
मंत्री श्रवण कुमार का विवादास्पद बयान
चीनी के बढ़ते दामों पर पूछे गए सवाल के जवाब में मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि इससे आम लोगों पर बहुत ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने तर्क दिया कि देश में बड़ी संख्या में लोग डायबिटीज से पीड़ित हैं, इसलिए उनके लिए चीनी का अधिक सेवन करना वैसे भी ठीक नहीं है। उनका यह बयान तुरंत ही विवादों में घिर गया है और इसकी कड़ी आलोचना हो रही है।
“चीनी के दाम बढ़ने से बहुत ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगा, क्योंकि देश में डायबिटीज से पीड़ित लोगों की संख्या काफी अधिक है।”
जमाखोरी रोकने के लिए सरकार का सख्त रुख
एक ओर जहां मंत्री के बयान पर बवाल मचा है, वहीं दूसरी ओर बिहार सरकार ने बिहार में चीनी की बढ़ती कीमतों में स्थिरता लाने और जमाखोरी पर लगाम लगाने के लिए कमर कस ली है। गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार ने 400 टन से अधिक चीनी का स्टॉक रखने वाले सभी कारोबारियों और प्रतिष्ठानों की विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी व्यापारी कृत्रिम कमी पैदा करके या कालाबाजारी करके उपभोक्ताओं का शोषण न कर सके।
इन पांच जिलों में विशेष जांच अभियान
विभाग के सचिव ने इस संबंध में पांच जिलों के जिलाधिकारियों को पत्र भेजा है, जहां चीनी मिलें संचालित हैं और जहां बड़े पैमाने पर चीनी का स्टॉक होता है। इन जिलों में विशेष रूप से जांच अभियान चलाया जाएगा। यदि जांच के दौरान किसी भी प्रकार की जमाखोरी या कालाबाजारी पाई जाती है, तो दोषियों के खिलाफ तत्काल प्राथमिकी दर्ज करने की तैयारी की गई है।
- पश्चिम चंपारण
- पूर्वी चंपारण
- गोपालगंज
- समस्तीपुर
- सीतामढ़ी
इन जिलों में कार्यरत चीनी मिलों और बड़े व्यापारियों के स्टॉक रिकॉर्ड की गहनता से पड़ताल की जाएगी। चीनी मिल संचालकों से भी जांच में पूर्ण सहयोग करने की अपील की गई है ताकि उत्पादन, मौजूदा स्टॉक और बाजार में भेजी गई चीनी की वास्तविक स्थिति का मिलान किया जा सके।
सरकार की इस सख्ती से उम्मीद है कि बिहार में जमाखोरी और कालाबाजारी पर अंकुश लगेगा, जिससे उपभोक्ताओं को उचित मूल्य पर चीनी उपलब्ध हो सकेगी। आने वाले दिनों में इन जांचों के परिणाम और सरकार की आगे की कार्रवाई पर सबकी निगाहें टिकी रहेंगी। मंत्री श्रवण कुमार के बयान पर भी राजनीतिक गलियारों में बहस जारी रहने की संभावना है।







