Bihar Liquor Ban: बिहार में शराबबंदी को सख्ती से लागू करने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी अब आईएएस दिव्या शक्ति को सौंपी गई है। दो बार संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की प्रतिष्ठित परीक्षा क्रैक करने वाली दिव्या शक्ति को बिहार मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग में उत्पाद आयुक्त बनाया गया है। सम्राट चौधरी सरकार के इस फैसले से राज्य में शराबबंदी कानून को और प्रभावी तरीके से लागू करने की उम्मीद जगी है।
इंजीनियर से बनीं IAS अधिकारी, ऐसा रहा सफर
दिव्या शक्ति का जन्म 20 सितंबर 1992 को हुआ था और वह मूल रूप से छपरा जिले की रहने वाली हैं। UPSC परीक्षा में सफलता हासिल करने से पहले, उन्होंने राजस्थान के झुंझुनूं जिले में स्थित BITS Pilani से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की थी। इंजीनियरिंग के बाद उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की।

- पहला प्रयास: साल 2018 में अपने पहले ही प्रयास में दिव्या शक्ति ने पूरे भारत में 79वीं रैंक हासिल की। इस सफलता के बाद उन्हें भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में चयनित किया गया।
- IAS बनने का लक्ष्य: हालांकि, उनका लक्ष्य IAS अधिकारी बनना था। इस उद्देश्य के साथ उन्होंने अपनी तैयारी जारी रखी।
- दूसरी सफलता: उनकी कड़ी मेहनत रंग लाई और UPSC 2021 की परीक्षा में उन्होंने ऑल इंडिया 58वीं रैंक प्राप्त की। इस बार उन्हें उनके गृह कैडर बिहार में IAS अधिकारी के रूप में नियुक्ति मिली।
दिव्या शक्ति का पारिवारिक परिचय
दिव्या शक्ति के पिता धीरेंद्र कुमार सिंह बेतिया मेडिकल कॉलेज में अधीक्षक के पद पर कार्यरत थे और अब सेवानिवृत्त हो चुके हैं। उनकी मां मंजुल प्रभा गृहिणी हैं। दिव्या शक्ति दो बहनों और एक भाई में सबसे छोटी हैं। उनके भाई अभिषेक आनंद एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं, जबकि बहन प्रियंका सिंह भटिंडा में लेक्चरर हैं। उनका पूरा परिवार फिलहाल मुजफ्फरपुर में रहता है।
सम्राट चौधरी सरकार का बड़ा प्रशासनिक फेरबदल
बिहार की बिहार सम्राट चौधरी सरकार ने 28 अगस्त को एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया। इस दौरान छह आईएएस अधिकारियों का तबादला किया गया, जिसमें दिव्या शक्ति को उत्पाद आयुक्त का महत्वपूर्ण पद मिला है। इस जिम्मेदारी के साथ ही उनके कंधों पर बिहार में शराबबंदी कानून को कड़ाई से लागू करने का बड़ा दारोमदार आ गया है। उनकी यह नियुक्ति प्रदेश में शराबबंदी को लेकर सरकार की गंभीरता को दर्शाती है।







