Darbhanga Jeevika: बिहार में ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा करने वाली एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत हुई है। दरभंगा के सदर प्रखंड स्थित सोनकी पंचायत में जिले के पहले जीविका-सुधा विक्रय केंद्र का विधिवत उद्घाटन 29 अगस्त को किया गया। इस केंद्र का उद्घाटन जिलाधिकारी कौशल कुमार ने फीता काटकर और दीप प्रज्वलित कर किया। उन्होंने विक्रय केंद्र का निरीक्षण करते हुए वहां उपलब्ध सुधा उत्पादों के बारे में जानकारी ली।
यह पहल बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी ‘सात निश्चय-3’ योजना का अहम हिस्सा है। इस योजना के तहत राज्य की सभी पंचायतों में जीविका-सुधा विक्रय केंद्र खोलने का संकल्प लिया गया है, जिसके लिए सुधा एवं जीविका मिलकर काम कर रहे हैं। इस योजना में जीविका द्वारा प्रत्येक पंचायत में विक्रय केंद्र के लिए जगह और जीविका दीदी का चयन किया जाता है। चयनित जीविका दीदी को सुधा का रिटेलर बनाया जाता है, और सुधा डेयरी उन्हें विभिन्न उत्पादों की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करती है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को सुधा के दूध और अन्य दुग्ध उत्पाद आसानी से मिल सकेंगे।
जीविका दीदियों को मिला स्वरोजगार का अवसर, घर-घर पहुंचेंगे सुधा उत्पाद
दरभंगा जिले में अब तक 266 पंचायतों में जीविका दीदियों के चयन की प्रक्रिया चल रही है। सोनकी पंचायत में खुला यह केंद्र जिले का पहला जीविका-सुधा विक्रय केंद्र है, जिसे समिति की सदस्य आरती देवी (पति श्री अनिल पंजीयार) को सौंपा गया है। इस केंद्र के माध्यम से पंचायत और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को सुधा के उत्पाद स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होंगे। साथ ही, आरती देवी जैसी चयनित जीविका दीदियों को स्वरोजगार और आय का एक नया माध्यम प्राप्त होगा, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
जिलाधिकारी श्री कौशल कुमार ने इस अवसर पर जीविका दीदियों को संबोधित करते हुए कहा, ‘सुधा एवं जीविका के संयुक्त रूप से कार्य करने से एक ओर जीविका दीदियों को रोजगार एवं स्वरोजगार का अवसर मिलेगा, वहीं दूसरी ओर सुधा के गुणवत्तापूर्ण उत्पाद गांव-गांव तक आसानी से उपलब्ध हो सकेंगे।’ उन्होंने जोर दिया कि यह जीविका-सुधा विक्रय केंद्र ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने जीविका दीदियों से विक्रय केंद्र का बेहतर संचालन करने और अधिक से अधिक ग्रामीण उपभोक्ताओं तक सुधा उत्पादों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की अपील भी की।
दूध उत्पादन से बिक्री तक जीविका की सहभागिता
सुधा डेयरी के प्रबंध निदेशक आर.के. झा ने जीविका दीदियों से अधिक से अधिक संख्या में सुधा से जुड़ने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा, ‘जीविका दीदियां दूध उत्पादन से लेकर दूध के संग्रहण, विपणन एवं बिक्री तक की पूरी प्रक्रिया में अपनी सहभागिता सुनिश्चित कर सकती हैं।’ श्री झा ने बताया कि इससे ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा और दुग्ध व्यवसाय को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि जीविका एवं सुधा के बीच यह समन्वय ग्रामीण क्षेत्रों में दुग्ध उत्पादन और दुग्ध उत्पादों के विपणन को नई गति प्रदान करेगा।
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने जीविका दीदियों को विक्रय केंद्र के संचालन, सुधा उत्पादों की आपूर्ति और बिक्री से संबंधित आवश्यक जानकारी भी दी। इस उद्घाटन समारोह में सुधा डेयरी दरभंगा के प्रभारी पदाधिकारी डॉ. सुभाष चंद्र प्रसाद सिंह, विपणन प्रभारी मो. खुर्शीद आलम, डीपीएम जीविका डॉ. ऋचा गार्गी, श्रेया शर्मा, रौशन झा, प्रतीक सुमन, रितेश झा, शिवचन्द्र यादव सहित जीविका और सुधा डेयरी के अन्य पदाधिकारी और बड़ी संख्या में जीविका दीदियां उपस्थित थीं। यह पहल ग्रामीण सशक्तिकरण और स्थानीय आर्थिक विकास की दिशा में एक बड़ा कदम है।








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