Bihar Ultra Runner: भारतीय नौसेना में कार्यरत बिहार के अल्ट्रा रनर शैलेश कुमार ने अमेरिका की ‘डेथ वैली’ में आयोजित दुनिया की सबसे कठिन अल्ट्रा मैराथन ‘बैडवॉटर 135’ को रिकॉर्ड समय में पूरा कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। सारण जिले के रहने वाले शैलेश ने 217 किलोमीटर की यह चुनौतीपूर्ण दौड़ 29 घंटे, 28 मिनट और 37 सेकंड में पूरी की, जो इस इवेंट में किसी भी भारतीय प्रतिभागी द्वारा अब तक का सबसे तेज प्रदर्शन है।
सारण से ‘डेथ वैली’ तक का सफर
शैलेश कुमार का जन्म सारण जिले के गढ़खा प्रखंड स्थित कमलपुर गांव में एक किसान परिवार में हुआ था। उन्होंने 2013 में भारतीय नौसेना में अपनी सेवा शुरू की और वर्तमान में कोच्चि, केरल में नौसेना विमान यार्ड में तैनात हैं। शैलेश ने 2014 में अपनी फिटनेस रूटीन के हिस्से के रूप में दौड़ना शुरू किया और धीरे-धीरे प्रतिस्पर्धी लंबी दूरी और अल्ट्रा-दूरी की दौड़ की ओर बढ़े।
नौसेना में सेवा के साथ अल्ट्रा रनिंग का जुनून
दो हाफ मैराथन और एक फुल मैराथन पूरी करने के बाद, शैलेश ने अल्ट्रा रनिंग में कदम रखा। 2018 में, उन्होंने गुजरात के धोलावीरा में आयोजित ‘रन द रण 101 किमी अल्ट्रा मैराथन’ में भाग लिया, जहां उन्होंने अपनी पहली अल्ट्रा-दूरी प्रतियोगिता में तीसरा स्थान हासिल किया। इसके बाद उन्होंने भारत और विदेश में कई अल्ट्रा-दूरी की दौड़ में हिस्सा लिया। इनमें ग्रीस में आयोजित ‘स्पार्टाथलन’ भी शामिल है, जहां उन्होंने 246 किलोमीटर की दौड़ 33 घंटे, 56 मिनट और 22 सेकंड में पूरी की थी।
बैडवॉटर 135: दुनिया की सबसे कठिन चुनौती
बैडवॉटर 135 अल्ट्रा मैराथन कैलिफोर्निया की ‘डेथ वैली’ में आयोजित होती है, जो लगभग 217 किलोमीटर की दूरी तय करती है। यह इवेंट अपने बेहद चुनौतीपूर्ण मार्ग और अत्यधिक मौसम की स्थिति के लिए जाना जाता है। शैलेश कुमार ने इस कठिन दौड़ के लिए लगभग छह महीने तक तैयारी की, जिसमें उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान 3,000 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय की।
शैलेश कुमार ने 29 घंटे, 28 मिनट और 37 सेकंड में दौड़ पूरी करके बैडवॉटर 135 में किसी भी भारतीय धावक द्वारा सबसे तेज प्रदर्शन का एक नया व्यक्तिगत मील का पत्थर स्थापित किया है।
शैलेश की यह उपलब्धि सहनशक्ति वाले खेलों में बिहार की बढ़ती उपस्थिति को दर्शाती है। सारण के इस एथलीट ने अंतरराष्ट्रीय अल्ट्रा-रनिंग मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व कर देश और राज्य का मान बढ़ाया है। उनकी यह सफलता कई युवाओं को प्रेरणा देगी और उन्हें अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित करेगी।






