Gopalganj Laborers Death: बिहार के गोपालगंज में एक भीषण हादसे ने चार परिवारों की खुशियां छीन लीं। सवनहीं गांव में शनिवार को शौचालय के सेप्टिक टैंक की सेंटिंग खोलने उतरे चार मजदूरों की जहरीली गैस की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई। इस हृदय विदारक घटना के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।
मिली जानकारी के अनुसार, गोपालपुर थाना क्षेत्र के सवनहीं निवासी रेशमा खातून के नए घर में सेप्टिक टैंक का निर्माण हुआ था। शनिवार को इसी टैंक की सेंटिंग खोलने के लिए मजदूर पहुंचे थे। टैंक के भीतर घुटन और जहरीली गैस की मौजूदगी से अनजान मजदूरों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा।
गोपालगंज में दिल दहला देने वाला हादसा! सेप्टिक टैंक में घुसे 4 मजदूरों की जहरीली गैस से मौत
Gopalganj Accident: बिहार के गोपालगंज में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहां शौचालय की सेंटिंग खोलने के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से चार मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई। सवनहीं गांव में एक नए घर के निर्माण कार्य के तहत बने सेप्टिक टैंक में यह भयावह हादसा हुआ, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।
सेटिंग खोलने उतरे थे मजदूर, जहरीली गैस ने ली जान
मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार को सवनहीं गांव निवासी रेशमा खातून के निर्माणाधीन मकान में बने सेप्टिक टैंक की सेंटिंग खोलने के लिए मजदूर नीचे उतरे थे। पहले दो मजदूर टैंक के अंदर गए, लेकिन जहरीली गैस और ऑक्सीजन की कमी के कारण वे तुरंत दम घुटने का अनुभव करने लगे। उन्हें बचाने के लिए दो और मजदूर टैंक में उतरे, लेकिन वे भी गैस के प्रभाव से बेहोश हो गए और एक-एक करके चारों ने टैंक के अंदर ही दम तोड़ दिया।
अस्पताल पहुंचने से पहले ही हो चुकी थी मौत
जैसे ही इस घटना की सूचना अन्य मजदूरों और स्थानीय लोगों को मिली, मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आनन-फानन में स्थानीय लोगों की मदद से सभी चारों मजदूरों को शौचालय के टैंक से बाहर निकाला गया। उन्हें तत्काल कुचायकोट के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और बाद में गोपालगंज मॉडल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने सभी को मृत घोषित कर दिया। अस्पताल में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया, और पूरे गांव में मातम पसर गया है।
मृतकों में तीन एक ही गांव के
इस दुखद हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों की पहचान हो गई है। मृतकों में बंटी बैठा उर्फ राकेश बैठा, जावेद आलम उर्फ टीपू और उमेश यादव शामिल हैं, जो तीनों गोपालपुर थाना क्षेत्र के सवनहीं गांव के ही रहने वाले थे। चौथा मृतक शबे आलम गिदहा गांव का निवासी था। यह घटना मिथेन गैस और ऑक्सीजन की कमी के कारण हुई, जो बंद सेप्टिक टैंकों में अक्सर जमा हो जाती है और जानलेवा साबित होती है। इस त्रासदी ने कार्यस्थलों पर सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जहरीली गैस ने ली चार जिंदगियां
शौचालय के सेप्टिक टैंक की सेंटिंग खोलने के लिए पहले दो मजदूर भीतर उतरे। टैंक के अंदर ऑक्सीजन की भारी कमी और मिथेन जैसी जहरीली गैसों के कारण उनका दम घुटने लगा। उन्हें बचाने के लिए जब दो और मजदूर टैंक में उतरे, तो वे भी जहरीली गैस की चपेट में आ गए और बेहोश हो गए। एक-एक कर चारों मजदूरों ने टैंक के अंदर ही दम तोड़ दिया।
हादसे की सूचना मिलते ही मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों की मदद से किसी तरह चारों मजदूरों को बाहर निकाला गया और तुरंत कुचायकोट के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। बाद में उन्हें गोपालगंज मॉडल अस्पताल रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने सभी को मृत घोषित कर दिया।
एक ही गांव के तीन मृतक, परिवारों में कोहराम
इस घटना की जानकारी मिलते ही मृतकों के परिजन अस्पताल पहुंचे। अपनों की लाशें देखकर उनका रो-रोकर बुरा हाल हो गया। अस्पताल से लेकर सवनहीं गांव तक हर तरफ चीख-पुकार और मातम पसरा हुआ था।
मृतकों की पहचान बंटी बैठा उर्फ राकेश बैठा, जावेद आलम उर्फ टीपू और उमेश यादव के रूप में हुई है, जो तीनों सवनहीं गांव के ही निवासी थे। चौथे मृतक शबे आलम गिदहा गांव के रहने वाले थे। इस हादसे ने एक ही गांव के तीन परिवारों को तबाह कर दिया है, जबकि चौथे परिवार पर भी दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। इस घटना ने एक बार फिर सेप्टिक टैंकों की सफाई और सेंटिंग खोलते समय बरती जाने वाली सुरक्षा सावधानियों की कमी को उजागर किया है।







