Nepal Rain: नेपाल में हो रही मूसलाधार बारिश ने एक बार फिर विकट स्थिति पैदा कर दी है। बाढ़ और भूस्खलन के कारण कई प्रमुख सड़क मार्गों पर आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है। रसुवा और चितवन से मिली सूचनाओं के बाद स्थानीय पुलिस प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी दी है। इस गंभीर स्थिति का सीधा असर अब Bihar पर भी दिख रहा है, जहां पांच जिलों में बाढ़ और भूस्खलन के खतरे को लेकर हाई अलर्ट जारी किया गया है।
प्रमुख मार्ग ठप, लाखों यात्री फंसे
नेपाल में लगातार बारिश के बाद कई इलाकों में मुश्किलें बढ़ गई हैं। चितवन पुलिस प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को अलर्ट करते हुए नारायणगढ़ से काठमांडू, पोखरा और मुग्लिन जाने वाली गाड़ियों की आवाजाही रोक दी है। इन इलाकों से नारायणगढ़ आने वाली गाड़ियों का परिचालन भी अगली सूचना तक बंद रहेगा। पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश के बीच सड़क पर मलबा आने और जमीन खिसकने का खतरा बना हुआ है।
शनिवार की सुबह कृष्णभीर इलाके में त्रिशूली नदी का जलस्तर बढ़ने से सड़क धंस गई, जिसके कारण मुग्लिन-काठमांडू मार्ग पूरी तरह से बंद हो गया है। बागमती प्रदेश ट्रैफिक प्रमुख डिल्ली नारायण पांडे ने सड़क धंसने और मार्ग के पूर्ण रूप से बंद होने की पुष्टि की है।
यातायात प्रभावित, आवश्यक वस्तुओं की आवाजाही पर असर
सड़कें बंद होने का सीधा असर आम यात्रियों के साथ-साथ मालवाहकों पर भी पड़ेगा। काठमांडू, पोखरा और मुग्लिन की ओर जाने वाली बस, कार, ट्रक और अन्य मालवाहक गाड़ियों को भी रुकना पड़ेगा। इससे न केवल यात्रा प्रभावित होगी, बल्कि आवश्यक सामानों की आवाजाही पर भी गंभीर असर पड़ सकता है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे जरूरी काम के बिना जोखिम वाले रास्तों पर यात्रा न करें और यात्रा से पहले मार्ग की ताजा स्थिति की जानकारी अवश्य लें।
बिहार के इन 5 जिलों पर गहराया संकट
नेपाल में हो रही भारी बारिश के कारण बिहार पर भी बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। राज्य की नदियों का जलस्तर खतरे के निशान के आसपास बना हुआ है। हालांकि कुछ नदियों का जलस्तर थोड़ा घटा है, लेकिन खतरा अभी टला नहीं है। प्रशासन ने कई इलाकों में प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है और दियारा क्षेत्र में रहने वाले लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। बिहार के पांच जिले – पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, सीतामढ़ी, गोपालगंज और भागलपुर – विशेष निगरानी पर हैं।
हालात की गंभीरता को देखते हुए, प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और अपनी व अपने परिवार की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की अपील की है। मार्ग खोलने का निर्णय स्थिति की समीक्षा के बाद ही लिया जाएगा। बिहार में भी नदियों के बढ़ते जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके।







