Bihar Tourism: जाने-माने राजनीतिक रणनीतिकार और बांकीपुर से विधायक प्रशांत किशोर को बिहार विधानसभा की पर्यटन उद्योग संबंधी समिति के सदस्य नियुक्त किया गया है। विधानसभा सचिवालय ने इस महत्वपूर्ण नियुक्ति की अधिसूचना जारी कर दी है। प्रशांत किशोर को चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 की बची हुई अवधि के लिए समिति में शामिल किया गया है, जिसके तहत वे पर्यटन क्षेत्र के विकास में अपनी भूमिका निभाएंगे।
अगले करीब सात महीने तक प्रशांत किशोर बिहार के पर्यटन क्षेत्र, उससे जुड़े उद्योगों और संबंधित विभागों के कामकाज से जुड़े मामलों पर समिति की प्रक्रिया का हिस्सा रहेंगे। उनकी इस नियुक्ति के बाद पर्यटन उद्योग संबंधी समिति में कुल सदस्यों की संख्या अब 10 हो गई है। इस समिति की अध्यक्षता जदयू विधायक मनोरंजन सिंह उर्फ धूमल सिंह कर रहे हैं, जिसमें विभिन्न राजनीतिक दलों के विधायकों की भागीदारी है।

प्रशांत किशोर की नई भूमिका और पर्यटन समिति का महत्व
पर्यटन उद्योग संबंधी समिति बिहार विधानसभा की एक महत्वपूर्ण इकाई है। इसका कार्य केवल पर्यटन स्थलों की स्थिति का आकलन करना नहीं है, बल्कि यह समिति राज्य में पर्यटन क्षेत्र के विकास से जुड़े व्यापक मुद्दों पर विचार करती है। इसमें पर्यटन उद्योग की संभावनाओं का पता लगाना, सुविधाओं का विस्तार करना, संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली की समीक्षा करना और विकास योजनाओं की प्रगति पर नजर रखना शामिल है।
यह समिति राज्य में पर्यटन को बेहतर बनाने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव भी तैयार करती है। इन सुझावों और गहन अध्ययन के आधार पर समिति अपना प्रतिवेदन विधानसभा में प्रस्तुत करती है। विधानसभा के माध्यम से, सरकार और संबंधित विभागों के सामने पर्यटन क्षेत्र से जुड़े मुद्दों को एक व्यवस्थित तरीके से रखा जाता है। प्रशांत किशोर लंबे समय से बिहार की राजनीति में सक्रिय रहे हैं, और अब बांकीपुर विधायक के रूप में विधानसभा की समिति में उनकी भागीदारी को उनकी संसदीय जिम्मेदारियों के विस्तार के तौर पर देखा जा रहा है।
बिहार के पर्यटन विकास में संभावनाएं और चुनौतियां
पर्यटन उद्योग समिति में शामिल होने से प्रशांत किशोर को राज्य के पर्यटन ढांचे और इससे जुड़े प्रशासनिक कामकाज पर चर्चा की प्रक्रिया में सीधे भाग लेने का अवसर मिलेगा। बिहार में पर्यटन की संभावनाएं काफी व्यापक हैं, जिसमें धार्मिक पर्यटन, बौद्ध सर्किट, ऐतिहासिक स्थल और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत राज्य की बड़ी ताकत माने जाते हैं। ऐसे में विधानसभा की पर्यटन उद्योग समिति की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है, क्योंकि यह समिति पर्यटन क्षेत्र से जुड़े मुद्दों की गहन समीक्षा कर सकती है और सुधार के लिए ठोस सुझाव दे सकती है।
समिति के अध्यक्ष मनोरंजन सिंह उर्फ धूमल सिंह हैं। अन्य सदस्यों में सुनील कुमार पिंटू, अनिल सिंह, वीरेंद्र कुमार, संजय सिंह, वशिष्ठ सिंह, रामानंद मंडल, बबलू कुमार, गौतम कृष्ण और अब प्रशांत किशोर शामिल हैं। प्रशांत किशोर के समिति में आने के बाद अब पर्यटन से जुड़े मुद्दों पर होने वाली बैठकों और रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया में उनकी भी सक्रिय भागीदारी रहेगी। हालांकि, समिति का कार्यकाल केवल चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 की शेष अवधि के लिए है, इस अवधि में समिति बिहार के पर्यटन उद्योग से जुड़े विषयों की समीक्षा करेगी और आवश्यक सुझावों के साथ अपना प्रतिवेदन विधानसभा के समक्ष रखेगी।
प्रशांत किशोर की इस नई जिम्मेदारी से उम्मीद है कि बिहार के पर्यटन क्षेत्र को एक नई दिशा मिलेगी। उनकी सक्रिय भागीदारी से राज्य के पर्यटन स्थलों के विकास और सुविधाओं के विस्तार में तेजी आ सकती है, जिसका सीधा लाभ स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार सृजन को मिलेगा।







