Vaishali Police: बिहार के वैशाली में सोशल मीडिया पत्रकार और यू-ट्यूबर कुंदन कुमार की गिरफ्तारी का मामला अब पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई तक पहुंच गया है। हरलोचनपुर थाना कांड संख्या 23/2026 की जांच में कई प्रक्रियात्मक त्रुटियां सामने आने के बाद थानाध्यक्ष सहित तीन पुलिस पदाधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह घटनाक्रम तब और चर्चा में आया जब नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने पत्रकार की गिरफ्तारी और पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए, जिसके बाद पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए और विभागीय कार्रवाई की गई।
अदालत से पुलिस को मिली थी फटकार
यह मामला पत्रकार कुंदन कुमार की गिरफ्तारी से शुरू हुआ था, जब आरोप लगा कि पुलिस उन्हें उनके घर से आधी रात को उठाकर ले गई। बाद में पुलिस ने दावा किया कि कुंदन कुमार के पास से देसी कट्टा बरामद हुआ है और उनके खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। हालांकि, इस कार्रवाई का स्थानीय स्तर पर कड़ा विरोध हुआ और परिजनों व ग्रामीणों ने गिरफ्तारी तथा हथियार बरामदगी के दावे पर प्रश्नचिह्न लगाए। जब पुलिस कुंदन कुमार को रिमांड के लिए हाजीपुर कोर्ट लेकर पहुंची, तो अदालत में हथियार बरामदगी से जुड़े ठोस साक्ष्य और दस्तावेजों को लेकर सवाल उठे। पुलिस अदालत के सामने ऐसे पर्याप्त दस्तावेज पेश नहीं कर सकी, जिससे बरामदगी के दावे को मजबूती मिलती। इसके बाद अदालत ने पुलिस की कार्रवाई पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की और कुंदन कुमार को रिमांड पर देने से इनकार कर दिया।
तेजस्वी यादव ने उठाया था मामला, मंत्री पर भी आरोप
अदालत की इस फटकार के बाद पत्रकार की गिरफ्तारी का मामला तेजी से सार्वजनिक बहस का विषय बन गया। स्थानीय लोगों के बीच भी पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल उठने लगे। इस मामले में राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आई, जिसमें नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने पत्रकार के साथ हुई कथित गलत कार्रवाई का मुद्दा उठाया। उन्होंने पत्रकार और उनके परिजनों के साथ दुर्व्यवहार, हिरासत में कथित मारपीट और गलत आरोपों में फंसाने के प्रयासों जैसे गंभीर आरोप लगाए। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने आरोप लगाया कि मंत्री लखेंद्र पासवान के दबाव में वैशाली में पत्रकार की गलत गिरफ्तारी, हिरासत में पिटाई और झूठे आरोपों में फंसाने का प्रयास किया गया।
पीड़ित पत्रकार एवं परिजनों से दुर्व्यवहार करने वाले पुलिसकर्मियों के विरुद्ध नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने आवाज़ उठाई! नतीजतन दोषी पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई हुई! मंत्री लखेंद्र पासवान के दबाव में वैशाली में पत्रकार की गलत गिरफ्तारी, हिरासत में पिटाई, गलत आरोपों में जानबूझकर फंसाए जाने, अन्य गंभीर आरोपों में फँसाने के प्रयास करने, पीड़ित पत्रकार एवं परिजनों से दुर्व्यवहार करने वाले पुलिसकर्मियों के विरुद्ध नेता प्रतिपक्ष श्री…
— Rashtriya Janata Dal (@RJDforIndia) September 2, 2026
जांच में मिलीं प्रक्रियात्मक त्रुटियां, हुई कार्रवाई
पुलिस विभाग की ओर से की गई कार्रवाई मुख्य रूप से जांच में सामने आई प्रक्रियात्मक त्रुटियों और कर्तव्य में लापरवाही से संबंधित है। पुलिस के जारी बयान के अनुसार, हरलोचनपुर थाना कांड संख्या 23/2026, दिनांक 30 अगस्त 2026 के अनुसंधान की जांच अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, महुआ द्वारा की गई। इस जांच के दौरान केस की विवेचना और केस डायरी लिखने की प्रक्रिया में कई कमियां पाई गईं। जांच प्रतिवेदन में सामने आई इन कमियों और कर्तव्य के प्रति बरती गई लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए हरलोचनपुर थानाध्यक्ष पुलिस अवर निरीक्षक राकेश कुमार यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। उनके साथ सहायक अवर निरीक्षक इंद्रजीत कुमार और मामले के अनुसंधानकर्ता पुलिस अवर निरीक्षक सुमन झा पर भी कार्रवाई हुई है। इन तीनों पुलिस पदाधिकारियों को निलंबित करते हुए पुलिस केंद्र, हाजीपुर में लाइन हाजिर किया गया है। वहीं, हरलोचनपुर थाना में नए थानाध्यक्ष के रूप में पुलिस अवर निरीक्षक सुबोध कुमार को पदस्थापित किया गया है।







