spot_img

Bhagalpur News लोकतंत्र के महापर्व में अटूट आस्था की मिसाल – नहीं रहे भागलपुर के ‘धरती पकड़’ | लड़े 280 चुनाव, इंदिरा-राजीव से भी भिड़े | 96 वर्ष में मौत ने किया ‘पराजित’

Bhagalpur News: 96 वर्ष की आयु में पटना में ली अंतिम सांस, कभी हार-जीत की परवाह न कर लोकतंत्र के महापर्व में अपनी जीवटता की अनूठी मिसाल कायम की।

spot_img
- Advertisement -

Bhagalpur News: भागलपुर के नामचीन शख्सियत और ‘धरती पकड़’ के नाम से मशहूर नागरमल बाजोरिया का 96 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। उन्होंने राजधानी पटना में अंतिम सांस ली। नागरमल बाजोरिया ने अपने जीवनकाल में कुल 280 चुनाव लड़े, जो लोकतंत्र के प्रति उनकी अटूट आस्था और जीवटता का प्रतीक है।

- Advertisement -

चुनावी राजनीति में हार-जीत की परवाह किए बिना नागरमल बाजोरिया ने पंचायत स्तर से लेकर राष्ट्रपति पद तक के लिए अपनी दावेदारी पेश की थी। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के खिलाफ भी चुनावी मैदान में ताल ठोकी थी, जो उनके निर्भीक स्वभाव को दर्शाता है। भागलपुर निवासी नागरमल बाजोरिया ने कभी भी चुनाव लड़ने का मौका नहीं छोड़ा, भले ही परिणाम कुछ भी रहा हो।

- Advertisement -
यह भी पढ़ें:  दरभंगा में सनसनी! बहन को कॉलेज छोड़ने निकला था युवक, पेड़ से लटकी मिली लाश; परिजन बोले- ये हत्या है!

कौन थे नागरमल बाजोरिया ‘धरती पकड़’?

नागरमल बाजोरिया का उपनाम ‘धरती पकड़’ उनकी चुनावी भागीदारी की जिद और हार न मानने वाले रवैये के कारण पड़ा था। उनका मानना था कि चुनाव लड़ना लोकतंत्र का उत्सव है, जिसमें हर नागरिक को बढ़-चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए। उनकी यह जीवटता कई पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनी रहेगी।

- Advertisement -
यह भी पढ़ें:  100 किलो की खतरनाक मछली बिहार की नदियों में! भूलकर भी न खाएं, विभाग ने दी चेतावनी

लोकतंत्र के महापर्व में अटूट आस्था की मिसाल

नागरमल बाजोरिया की कहानी सिर्फ चुनाव लड़ने की नहीं, बल्कि लोकतंत्र में हर नागरिक की भूमिका को परिभाषित करने की भी है। उन्होंने दिखा दिया कि चुनावी मैदान में उतरना केवल जीतने के लिए नहीं होता, बल्कि अपनी आवाज उठाने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा बनने के लिए भी होता है। जिंदगी भर मैदान में डटे रहने वाले बाजोरिया को आखिर मौत ने ही पराजित किया।

यह भी पढ़ें:  बिहार में बाढ़ का विकराल रूप! 8 नदियां खतरे के निशान से ऊपर, पटना में गंगा, सोन और पुनपुन रौद्र, समस्तीपुर से भागलपुर तक नदियों का कहर , 13 जिलों में हाहाकार, आपको कितना मिलेगा मुआवजा?

भागलपुर की पहचान, पटना में ली अंतिम सांस

भागलपुर से गहरा जुड़ाव रखने वाले नागरमल बाजोरिया ने भले ही अपनी अंतिम सांस पटना में ली हो, लेकिन उनकी पहचान हमेशा भागलपुर के ‘धरती पकड़’ के रूप में ही रहेगी। उनका निधन चुनावी राजनीति के एक ऐसे अनूठे अध्याय का अंत है, जिसे शायद ही कोई दोहरा पाए।

नागरमल बाजोरिया का जीवन यह संदेश देता है कि लोकतंत्र में भागीदारी ही सबसे बड़ा सम्मान है, और हार-जीत से परे जनसेवा का भाव ही असली जीत है।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

भोजपुर, पटना, सारण, वैशाली, नालंदा, बेगूसराय, लखीसराय और जहानाबाद में अगले दो दिन आफ़त ! गंगा डेंजर में, सामने अलर्ट?| नोट करें – हेल्पलाइन...

Bihar Flood Alert: बिहार में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। पटना के गांधी घाट पर 3 सितंबर की रात तक जलस्तर सर्वाधिक स्तर पार कर सकता है।#BiharFlood,#GangaRiver,#PatnaNews

बिहार में हड़कंप! छुट्टी से लौटे 14 पुलिसकर्मी सस्पेंड, SSP सुशील कुमार ने क्यों लिया इतना कड़ा फैसला?

Bihar Police Action: बिहार के गयाजी में अवकाश समाप्त होने के बाद ड्यूटी पर नहीं लौटे 14 पुलिसकर्मियों को एसएसपी सुशील कुमार ने निलंबित कर दिया है। इनमें दो SI और 12 सिपाही शामिल हैं#BiharPoliceAction,#GayaNews,#PoliceSuspension

टीचरों की घिनौनी करतूत -छात्राओं के अश्लील वीडियो बनाते पकड़े गए दो शिक्षक सस्पेंड | फर्जी सर्टिफिकेट पर नौकरी, अब बवाल के बाद खुला...

Bihar Teacher Suspension: बक्सर में छात्राओं से छेड़छाड़ और अश्लील वीडियो बनाने के आरोप में दो शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया है। ग्रामीणों ने उनकी पिटाई भी की थी।#BiharTeacherSuspension,#BuxarSchoolNews,#FakeCertificateScam

PMCH में नया चमत्कार! अब 15 मिनट में मिलेगी गंभीर मरीजों को जिंदगी, पटना में बन रहा लेवल-1 ट्रॉमा सेंटर

Patna Trauma Center: पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (PMCH) में लेवल-1 ट्रॉमा सेंटर बनाने की तैयारी चल रही है। इसका लक्ष्य गंभीर रूप से घायल मरीजों को 15 मिनट के भीतर उपचार शुरू करना है।#PatnaHealth,#TraumaCare,#PMCHNews