Bihar Ramlila: बिहार के जाले प्रखंड अंतर्गत सहसपुर पंचायत के घोघराहा गांव में सात दिवसीय रामलीला का भव्य शुभारंभ हो गया है। रामजानकी मंदिर परिसर में लक्ष्मी नारायण रामलीला मंडल, अयोध्या के कलाकारों द्वारा मंचित धनुष भंग और सीता-राम विवाह की मनमोहक लीला ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस दौरान पूरा पंडाल ‘जय श्रीराम’ के उद्घोष से गूंज उठा, जिससे क्षेत्र में भक्तिमय माहौल बन गया।
‘जय श्रीराम’ के जयकारों से गूंज उठा घोघराहा का रामजानकी मंदिर परिसर
घोघराहा गांव स्थित रामजानकी मंदिर परिसर में 3 सितंबर की संध्या से इस सात दिवसीय रामलीला का आगाज हुआ। उद्घाटन समारोह में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
अतिथि सह पार्षद अरविंद प्रसाद वर्मा और सोनू कुमार श्रीवास्तव को आयोजक संतोष ठाकुर व अजय झा ने मिथिला की पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार पाग, चादर और माला पहनाकर सम्मानित किया। इस अवसर पर मिंटू राउत, तारानंद झा, अजीत सिंह, बादल कुमार, जीवेश झा सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
जय श्रीराम! धनुष भंग होते ही गूंज उठा घोघराहा, सीता-राम विवाह देख भावुक हुए लोग
Jale Ramlila: Darbhanga के जाले अनुमंडल अंतर्गत सहसपुर पंचायत के घोघराहा गांव में रामलीला का भव्य शुभारंभ हुआ है। तीन सितंबर की शाम जैसे ही भगवान राम ने धनुष भंग किया, पूरा पंडाल ‘जय श्रीराम’ के उद्घोष से गूंज उठा। सात दिवसीय इस आयोजन के पहले दिन सीता-राम विवाह की मनमोहक लीला का मंचन किया गया, जिसने सैकड़ों श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
कलाकारों के सजीव अभिनय ने मोहा मन
घोघराहा गांव स्थित रामजानकी मंदिर परिसर में लक्ष्मी नारायण रामलीला मंडल, अयोध्या के कलाकारों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया। भगवान राम की भूमिका में सोनू मिश्रा, लक्ष्मण की आशीष मिश्रा, महर्षि परशुराम की पवन मिश्रा, महर्षि वशिष्ठ की राम सुरेश ठाकुर और राजा जनक की भूमिका में जगत नारायण ने सजीव अभिनय कर दर्शकों का मन मोह लिया। कलाकारों के दमदार प्रदर्शन ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
रामलीला का उद्घाटन समारोहपूर्वक फीता काटकर किया गया, जिसमें स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। अतिथि सह पार्षद अरविंद प्रसाद वर्मा और सोनू कुमार श्रीवास्तव को आयोजक संतोष ठाकुर व अजय झा ने मिथिला की परंपरा के अनुसार पाग, चादर और माला पहनाकर सम्मानित किया। इस अवसर पर मिंटू राउत, तारानंद झा, अजीत सिंह, बादल कुमार, जीवेश झा समेत कई गणमान्य लोग मौजूद थे।
रामलीला का उद्देश्य: भगवान राम के आदर्शों का प्रसार
कमेटी के सदस्य जीवेश कुमार झा ने बताया कि रामलीला का मंचन प्रतिदिन शाम सात बजे से किया जा रहा है। अंतिम दिन भव्य भंडारे का आयोजन होगा। उन्होंने आगे कहा कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य भगवान श्रीराम के आदर्शों और उनकी मर्यादा के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना है।
यह रामलीला न केवल मनोरंजन का साधन है, बल्कि यह समाज में नैतिक मूल्यों और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने का भी एक महत्वपूर्ण प्रयास है। आने वाले दिनों में भी विभिन्न लीलाओं का मंचन किया जाएगा, जिसके लिए ग्रामीणों में भारी उत्साह देखा जा रहा है।
अयोध्या के कलाकारों ने जीवंत की रामलीला की लीलाएँ
रामलीला के पहले दिन कलाकारों ने धनुष भंग और सीता-राम विवाह की लीला का सजीव मंचन किया। भगवान राम की भूमिका सोनू मिश्रा ने, लक्ष्मण की आशीष मिश्रा ने, महर्षि परशुराम की पवन मिश्रा ने, महर्षि वशिष्ठ की राम सुरेश ठाकुर ने और राजा जनक की भूमिका जगत नारायण ने बखूबी निभाई। कलाकारों के प्रभावशाली अभिनय ने दर्शकों को भक्ति और भावुकता से भर दिया।
सात दिवसीय रामलीला का उद्देश्य: मर्यादा और आदर्शों का संदेश
कमेटी के सदस्य जीवेश कुमार झा ने बताया कि यह रामलीला प्रतिदिन शाम सात बजे से मंचित की जाएगी। उन्होंने जानकारी दी कि रामलीला के अंतिम दिन भंडारे का आयोजन भी किया जाएगा। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य भगवान श्रीराम के आदर्शों और मर्यादा का संदेश जन-जन तक पहुँचाना है, ताकि समाज में नैतिक मूल्यों और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा मिल सके।
रामलीला का मंचन प्रतिदिन शाम सात बजे से होगा। अंतिम दिन भंडारे का आयोजन किया जाएगा। आयोजन का उद्देश्य भगवान श्रीराम के आदर्शों और मर्यादा का संदेश लोगों तक पहुंचाना है।
– जीवेश कुमार झा, कमेटी सदस्य
यह सात दिवसीय आयोजन घोघराहा और आसपास के क्षेत्रों में धार्मिक आस्था और सामुदायिक सौहार्द का केंद्र बना रहेगा। दर्शक हर शाम भगवान राम के जीवन प्रसंगों का आनंद ले सकेंगे और उनके आदर्शों से प्रेरणा प्राप्त कर सकेंगे।








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