Bihar Crime News: बिहार में माफिया और संगठित अपराध से जुड़े लोगों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई अब और तेज होने वाली है। कानून व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में यह एक बड़ा कदम है। पुलिस ने ऐसे करीब चार हजार लोगों को चिह्नित किया है, जिनकी संपत्ति जब्त करने के लिए अलग-अलग जिलों से प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनमें से लगभग 800 मामलों में संपत्ति जब्ती के प्रस्ताव न्यायालय को भेजे जा चुके हैं।
इस बड़े एक्शन में चिराग पासवान की पार्टी के विधायक अमित रानू का नाम भी शामिल है। लॉ एंड ऑर्डर के एडीजी केएस अनुपम ने इस महत्वपूर्ण जानकारी को साझा किया। उन्होंने बताया कि पुलिस द्वारा चिह्नित किए गए इन चार हजार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है।
माफिया पर पुलिस का शिकंजा: 4000 लोगों की पहचान, MLA भी रडार पर
एडीजी केएस अनुपम ने स्पष्ट किया कि विभिन्न जिलों से संपत्ति जब्ती को लेकर प्राप्त प्रस्तावों की जांच-पड़ताल पूरी करने के बाद उन्हें न्यायालय भेजा जा रहा है। अब तक लगभग 800 प्रस्ताव न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए जा चुके हैं। इन मामलों में आगे की सुनवाई न्यायालय के स्तर पर होगी। आरोपित पक्ष को अपना दावा और जवाब दाखिल करने का पूरा अधिकार दिया जाएगा।
पुलिस की ओर से भेजे गए प्रस्तावों पर न्यायालय के स्तर पर ही अंतिम निर्णय होगा। संपत्ति जब्ती की पूरी प्रक्रिया न्यायालय की न्यायिक प्रक्रिया के तहत ही आगे बढ़ती है।
संपत्ति जब्ती की प्रक्रिया तेज: 800 प्रस्ताव कोर्ट भेजे गए
पुलिस केवल संपत्ति जब्ती तक ही सीमित नहीं है, बल्कि उसने अपनी कार्यप्रणाली में कई महत्वपूर्ण बदलाव भी किए हैं। एडीजी केएस अनुपम ने बताया कि पुलिस अब ट्रायल मॉनिटरिंग सिस्टम पर विशेष रूप से काम करेगी। इसका उद्देश्य अहम और महत्वपूर्ण मामलों, जिन्हें ‘लैंडमार्क केस’ कहा जाता है, में मुकदमों की सुनवाई और ट्रायल की प्रगति पर लगातार नजर रखना है।
पुलिस का मुख्य प्रयास है कि ऐसे महत्वपूर्ण मामलों में प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की जा सके। साथ ही, मुकदमों की प्रक्रिया की नियमित निगरानी भी हो सके, ताकि न्याय में देरी न हो। इसके लिए संबंधित मामलों की प्रगति पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
ट्रायल मॉनिटरिंग और कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग से मजबूत होगी कार्रवाई
केएस अनुपम ने यह भी बताया कि कार्रवाई से जुड़े लोगों की कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग का काम भी लगातार जारी है। पुलिस अब तक चार हजार से अधिक लोगों की ट्रेसिंग कर चुकी है, जबकि करीब 30 लोगों की ट्रेसिंग अभी बाकी है। इस पूरी कवायद का लक्ष्य बिहार में माफिया और संगठित अपराध से जुड़े लोगों की पहचान करने से लेकर उनकी संपत्ति जब्त करने के प्रस्ताव तैयार करने और मुकदमों की ट्रायल मॉनिटरिंग तक की पूरी प्रक्रिया को मजबूत करना है। पुलिस का यह कदम राज्य में अपराध नियंत्रण के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।








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