Bihar Rain: बिहार के जाले प्रखंड में मंगलवार दोपहर हुई झमाझम बारिश ने किसानों के चेहरे पर खुशी ला दी है। करीब दो घंटे तक हुई मूसलाधार वर्षा से धान के सूखे खेतों में पर्याप्त पानी जमा हो गया, जिससे पटवन की चिंता में डूबे किसानों को बड़ी राहत मिली है। यह बारिश ऐसे समय में हुई है, जब धान की फसल को पानी की बेहद जरूरत थी।
प्रखंड क्षेत्र के रतनपुर, ब्रह्मपुर, कछुआ, नरौछ-बिहारी और दाढ़ी समेत कई गांवों में दोपहर लगभग तीन बजे गरज के साथ तेज बारिश शुरू हुई। इस जोरदार बरसात ने उन किसानों को सुकून दिया, जो अपने खेतों की सिंचाई के लिए पंपसेट और बिजली के मोटर तैयार कर चुके थे, और कुछ ने तो पटवन शुरू भी कर दिया था।बिहार के किसानों की मौज!
बिहार के किसानों की मौज! आसमान से बरसी ‘संजीवनी’, धान के खेत हुए लबालब
Bihar Rain: मंगलवार दोपहर बिहार के जाले प्रखंड में हुई जोरदार बारिश ने किसानों को बड़ी राहत पहुंचाई है। करीब दो घंटे तक गरज के साथ हुई झमाझम बारिश से धान के सूखे खेतों में पर्याप्त पानी जमा हो गया, जिससे पटवन की तैयारी कर रहे किसानों के चेहरे खिल उठे। यह बारिश धान की फसल के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
स्थानीय किसान राज सिंघानियां, रमेश झा, कन्हैया झा और राजा सहनी ने बताया कि धान की फसल को पानी की सख्त जरूरत थी। उनके अनुसार, खेतों में नमी तो थी, लेकिन पानी सूख जाने के कारण वे सिंचाई की तैयारी में जुटे थे। कई किसान तो पंपसेट और बिजली के मोटर लेकर खेतों तक पहुंच भी गए थे, जबकि कुछ ने पटवन शुरू भी कर दिया था। दोपहर लगभग 11 बजे हल्की बूंदाबांदी के बाद तेज धूप खिल गई थी, लेकिन ढाई से तीन बजे के बीच अचानक गरज के साथ तेज बौछारें शुरू हो गईं।
धान की अगात किस्मों के लिए अमृत समान
बारिश के दौरान बिजली गुल होने से बिजली के मोटर से पटवन कर रहे किसानों को अपने मोटर को पॉलिथीन से ढकते देखा गया। इसी तरह, डीजल पंपसेट चलाने वाले किसानों ने भी अपनी मशीनें बंद कर उन्हें सुरक्षित ढक दिया। किसान राजा सहनी ने विशेष रूप से बताया कि अगात प्रभेद की सरयू-52 और राजेंद्र नीलम धान की फसल में गाभा बनना शुरू हो गया है। इस अवस्था में खेतों में पानी का होना फसल के लिए बहुत जरूरी है, और इस बारिश ने फिलहाल अगात धान की फसल को बड़ी राहत दी है।
‘धान की फसल के लिए एक अच्छी बारिश की जरूरत थी। खेतों में पर्याप्त नमी थी, लेकिन पानी सूख जाने से किसान पटवन की तैयारी में जुटे थे। अगात प्रभेद के सरयू-52 और राजेंद्र नीलम धान में गाभा बनना शुरू हो गया है। इस अवस्था में खेतों में पानी रहना फसल के लिए जरूरी है।’ – किसान राजा सहनी
इन गांवों में हुई झमाझम बारिश
जाले प्रखंड के रतनपुर, ब्रह्मपुर, कछुआ, नरौछ-बिहारी और दाढ़ी जैसे कई गांवों में मंगलवार को दोपहर बाद करीब तीन बजे यह बारिश शुरू हुई। लगभग दो घंटे तक हुई इस बारिश से न केवल खेतों में पानी जमा हुआ, बल्कि किसानों की चिंताएं भी कुछ हद तक कम हुईं। यह बारिश आने वाले दिनों में धान की पैदावार के लिए निर्णायक साबित हो सकती है।
इस आकस्मिक बारिश से किसानों को तत्काल राहत मिली है, जो पहले से ही सिंचाई के लिए पंपसेट और मोटर तैयार कर रहे थे। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बारिश धान की फसल के विकास के लिए बेहद अनुकूल है और इससे आगामी पैदावार पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
धान की फसल के लिए अमृत बनी बारिश
किसानों ने बताया कि सुबह करीब 11 बजे हल्की बूंदाबांदी के बाद तेज धूप निकल आई थी, जिससे खेतों में जमा थोड़ी-बहुत नमी भी सूखने लगी थी। लेकिन, दोपहर ढाई से तीन बजे के बीच अचानक मौसम बदला और गरज के साथ तेज बौछारें पड़ने लगीं। इस बारिश ने धान की फसल को संजीवनी दी है।
रतनपुर के किसान राज सिंघानियां, रमेश झा, कन्हैया झा और राजा सहनी ने बताया, ‘धान की फसल के लिए एक अच्छी बारिश की जरूरत थी। खेतों में पर्याप्त नमी थी, लेकिन पानी सूख जाने से किसान पटवन की तैयारी में जुटे थे। कई किसान पंपसेट व बिजली के मोटर लेकर खेतों में पहुंच चुके थे और कुछ ने पटवन शुरू भी कर दिया था।’
बारिश के दौरान बिजली कटने से बिजली मोटर से पटवन कर रहे किसानों को अपने मोटर पॉलीथिन से ढकने पड़े। वहीं, डीजल पंपसेट भी बंद करके सुरक्षित रखे गए। यह दर्शाता है कि किसान कितनी बेसब्री से बारिश का इंतजार कर रहे थे।
गाभा बनने की स्थिति में पानी की अनिवार्यता
किसान राजा सहनी ने स्पष्ट किया कि अगात प्रभेद के सरयू-52 और राजेंद्र नीलम धान में गाभा (बालियां निकलने से पहले की अवस्था) बनना शुरू हो गया है। इस महत्वपूर्ण अवस्था में खेतों में पानी का होना फसल के लिए अत्यंत आवश्यक होता है। उन्होंने बताया कि इस बारिश से अगात धान की फसल को फिलहाल काफी राहत मिली है, जिससे अच्छी पैदावार की उम्मीद जगी है। यह बारिश किसानों की मेहनत और लागत को बचाने में सहायक सिद्ध हुई है।







