Bihar Sharabbandi: बिहार में शराबबंदी लागू होने के बाद से अवैध शराब के कारोबार पर लगाम कसने के लिए लगातार बड़े पैमाने पर कार्रवाई की गई है। उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 1 अप्रैल 2016 से 31 जुलाई 2026 तक बिहार में शराबबंदी कानून के तहत 12,08,658 अभियोग दर्ज किए गए हैं। इस दौरान 18,15,928 अभियुक्तों की गिरफ्तारी हुई है, जो इस अभियान की गंभीरता को दर्शाता है।
करोड़ों लीटर शराब और हजारों वाहन जब्त
अवैध शराब के खिलाफ अभियान में बड़ी मात्रा में शराब भी जब्त की गई है। संयुक्त आंकड़ों के अनुसार, लगभग 5 करोड़ 23 लाख 65 हजार 537 लीटर शराब जब्त की गई है। इसके अलावा, कार्रवाई के दौरान शराब परिवहन में इस्तेमाल होने वाले 1,76,752 वाहन भी जब्त किए गए। ये आंकड़े उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग और बिहार पुलिस की संयुक्त कार्रवाई का परिणाम हैं।
उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग और बिहार पुलिस के संयुक्त आंकड़ों के अनुसार, 1 अप्रैल 2016 से 31 जुलाई 2026 तक शराबबंदी कानून के तहत 12 लाख से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं, जबकि 18 लाख से ज्यादा अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है। 5 करोड़ लीटर से अधिक शराब और 1.76 लाख से ज्यादा वाहन जब्त किए गए हैं।
बिहार पुलिस की कार्रवाई का अलग आंकड़ा
शराबबंदी कानून लागू होने के बाद से अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई सिर्फ शराब की बरामदगी तक सीमित नहीं रही है, बल्कि गिरफ्तारी और परिवहन में इस्तेमाल वाहनों की जब्ती भी इस अभियान का एक अहम हिस्सा रही है। यदि केवल बिहार पुलिस की कार्रवाई के आंकड़ों पर गौर करें, तो 1 अप्रैल 2016 से 31 अगस्त 2026 तक पुलिस ने शराबबंदी से जुड़े मामलों में 9,95,259 लोगों को गिरफ्तार किया है। इसी अवधि में बिहार पुलिस ने 3,26,96,736 लीटर शराब बरामद की है।
शराब तस्करी में महिलाओं की संलिप्तता
शराब तस्करी के मामलों में महिलाओं की गिरफ्तारी भी सामने आई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, पिछले चार वर्षों में लगभग 900 महिलाओं को शराब तस्करी से जुड़े मामलों में पकड़ा गया है। इनमें पश्चिम चंपारण जिले में सबसे अधिक गिरफ्तारियां हुई हैं। पश्चिम चंपारण की भौगोलिक स्थिति अवैध शराब की आवाजाही के लिए चुनौतीपूर्ण रही है, जिससे प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतनी पड़ती है।
शराबबंदी के बाद प्रशासन की कार्रवाई कई स्तरों पर हुई है, जिसमें शराब की बरामदगी, तस्करों की गिरफ्तारी और परिवहन के साधनों की जब्ती शामिल है। लगभग एक दशक से जारी यह अभियान दर्शाता है कि बिहार में शराबबंदी कानून के तहत बड़े पैमाने पर कार्रवाई हुई है। लाखों मामले दर्ज हुए हैं, बड़ी संख्या में गिरफ्तारियां हुई हैं और करोड़ों लीटर शराब जब्त की गई है। इसके बावजूद, शराब की अवैध तस्करी के मामले लगातार सामने आते रहे हैं, जिसके चलते पुलिस और उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग की कार्रवाई निरंतर जारी है। नए मामलों में गिरफ्तारी, शराब बरामदगी के साथ-साथ तस्करी के नेटवर्क को तोड़ने पर भी ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।






