Bhagalpur Flood: बिहार के भागलपुर जिले में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिसने अब विकराल रूप ले लिया है। बाढ़ का पानी एक के बाद एक जिले की प्रमुख लाइफलाइन सड़कों को अपनी चपेट में ले रहा है। इस स्थिति ने सिल्क सिटी भागलपुर का राजधानी पटना से सड़क संपर्क कभी भी पूरी तरह से काटने का खतरा पैदा कर दिया है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
सड़कों पर बाढ़ का कब्जा, यातायात ठप
एनएच-80 पर यातायात पहले से ही ठप है, जहां मुख्य सड़क पर 3 से 4 फीट तक पानी बह रहा है। प्रशासन ने कई हिस्सों में परिचालन बंद कर दिया है, फिर भी लोग आवश्यक कार्यों के लिए अपनी जान जोखिम में डालकर इसी गहरे पानी के बीच से सफर करने को मजबूर हैं। अब नवनिर्मित मुंगेर-मिर्जाचौकी ग्रीनफील्ड फोरलेन पर भी करीब 2 फीट तक बाढ़ का पानी चढ़ गया है। फोरलेन के ऊपर दो अलग-अलग जगहों पर पानी का तेज बहाव देखा जा रहा है। यदि गंगा के जलस्तर में वृद्धि की यही रफ्तार जारी रही, तो फोरलेन पर भी वाहनों की आवाजाही को पूरी तरह रोकना पड़ेगा, जिससे वैकल्पिक मार्ग भी बंद होने की कगार पर है। सड़क पर पानी की तेज रफ्तार से वाहनों के बहने और बड़े हादसों का खतरा लगातार बना हुआ है।
ग्रामीण इलाकों में तबाही, रेलवे स्टेशनों पर उमड़ी भीड़
सड़क मार्ग प्रभावित होने के कारण भागलपुर से सुल्तानगंज और पटना जाने वाले यात्रियों की मुश्किलें दोगुनी हो गई हैं। सड़क संपर्क टूटने के डर से अब रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों का भारी दबाव देखने को मिल रहा है। भागलपुर से गुजरने वाली सभी ट्रेनें पूरी तरह से खचाखच भरी चल रही हैं। वहीं, ग्रामीण और दियारा इलाकों में बाढ़ ने भयंकर तबाही मचाई है। दर्जनों गांव बाढ़ के पानी में पूरी तरह डूब चुके हैं, और लोग अपने घरों की छतों या ऊंचे स्थानों पर शरण लेने को मजबूर हैं। निचले इलाकों के लोग अपनी बुनियादी जरूरत की सामग्रियां जुटाने के लिए नावों के सहारे जान जोखिम में डाल रहे हैं।
अगले 48 घंटे में और भयावह होगी स्थिति?
मौसम विभाग और स्थानीय लोगों के अनुसार, अगले 24 से 48 घंटों में स्थिति और भी भयावह हो सकती है। ऐसी आशंका है कि बाढ़ का पानी भागलपुर शहर के अन्य हिस्सों में भी फैल सकता है, जिससे संकट और गहरा जाएगा। प्रशासन को इस विकट स्थिति से निपटने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाने होंगे ताकि आम जनता को राहत मिल सके और जान-माल के नुकसान को रोका जा सके।







