Lalganj Bridge Accident: बिहार के वैशाली जिले के लालगंज में निर्माणाधीन पुल पर एक बड़ा हादसा हो गया है, जहां लॉन्चर गिरने से कई मजदूर घायल हो गए। यह घटना 10 सितंबर को हुई जब NH-139W के चार लेन के तहत बन रहे पुल पर लॉन्चर को शिफ्ट किया जा रहा था। इस हादसे के बाद निर्माण स्थल पर अफरा-तफरी मच गई और कई सवाल खड़े हो गए हैं।
घटना के तुरंत बाद घायल मजदूरों को लालगंज रेफरल अस्पताल ले जाया गया। इनमें से छह मजदूरों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई, जबकि दो गंभीर रूप से घायल मजदूरों को बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया है। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।
NHAI ने बताया 8 घायल, स्थानीय लोगों का दावा 15 से अधिक
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने 10 सितंबर को एक प्रेस बयान जारी कर बताया कि यह घटना पुल निर्माण के लिए इस्तेमाल किए जा रहे लॉन्चर को शिफ्ट करने के दौरान हुई। NHAI ने इसे एक अप्रत्याशित घटना बताया और कहा कि पुल की संरचना को कोई नुकसान नहीं हुआ है। प्राधिकरण के अनुसार, कार्यस्थल पर मौजूद मजदूर घायल हुए थे जिन्हें तत्काल पास के अस्पताल में चिकित्सा सहायता के लिए भेजा गया। NHAI ने यह भी कहा कि परियोजना टीम लगातार उनके स्वास्थ्य की निगरानी कर रही है।
हालांकि, स्थानीय निवासियों का दावा है कि इस हादसे में 15 से अधिक लोग घायल हुए होंगे। स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि घटना के बाद कुछ अधिकारी मौके से चले गए और फोन कॉल का जवाब नहीं दे रहे थे। इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है। स्थानीय लोगों ने यह भी दावा किया कि एक मजदूर अभी भी गिरी हुई संरचना के ऊपरी हिस्से में फंसा हुआ है। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि पुलिस द्वारा जेसीबी का उपयोग करके गिरे हुए लॉन्चर को हटाने के दौरान उपकरण का कोई अन्य हिस्सा टूट सकता है या गिर सकता है, जिससे मौके पर मौजूद लोगों को खतरा हो सकता है।
स्थानीय निवासियों ने आशंका जताई है कि कुछ लोगों की मौत भी हुई होगी, हालांकि NHAI के बयान में किसी की मौत की पुष्टि नहीं की गई है। 8 घायल मजदूरों की आधिकारिक संख्या और स्थानीय लोगों द्वारा बताए गए 15 से अधिक घायलों के बीच का अंतर अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है।
क्या होता है ब्रिज लॉन्चर और क्यों खतरनाक है यह काम?
ब्रिज लॉन्चर, जिसे ब्रिज गर्डर लॉन्चर या लॉन्चिंग गैन्ट्री भी कहा जाता है, पुल निर्माण में उपयोग होने वाला एक विशेष भारी उपकरण है। इसे पुल के खंभों पर बड़े कंक्रीट या स्टील के गर्डरों को ले जाने और स्थापित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह मशीन उन स्थानों पर विशेष रूप से उपयोगी होती है जहां पारंपरिक क्रेन का संचालन मुश्किल होता है, जैसे नदियों के ऊपर, गहरी खाइयों पर या व्यस्त सड़कों पर। NHAI के बयान के अनुसार, यह दुर्घटना उपकरण को शिफ्ट करने के दौरान हुई।
सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल, NHAI कर रहा समीक्षा
NHAI ने कहा है कि इस घटना के बाद परियोजना स्थल पर सुरक्षा मानकों की सख्त पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया शुरू की गई है। प्राधिकरण ने कहा कि समीक्षा का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ऐसी घटना दोबारा न हो और उसने श्रमिकों की सुरक्षा और निर्माण गुणवत्ता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। इस दुर्घटना ने निर्माणाधीन परियोजनाओं में सुरक्षा उपायों की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं, और अब यह देखना होगा कि NHAI इन चिंताओं को कैसे दूर करता है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाता है।







