Bihar Lok Adalat: बिहार में आम लोगों को त्वरित और सुलभ न्याय दिलाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। 12 सितंबर 2026, शनिवार को राज्य के सभी 37 जिलों में बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (BSLSA) द्वारा राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इस वृहद आयोजन का लक्ष्य लाखों लंबित और मुकदमे पूर्व मामलों का आपसी सहमति से निपटारा करना है, जिससे आम जनता को अदालती चक्करों से मुक्ति मिल सके।
इस Bihar Lok Adalat के लिए प्री-लिटिगेशन के तहत लगभग 4,99,736 मामलों को चिन्हित किया गया है। प्राधिकरण ने 50 हजार से अधिक मामलों के निष्पादन का लक्ष्य रखा है, हालांकि यह आंकड़ा एक लाख तक भी पहुंच सकता है। 10 सितंबर 2026 को BSLSA प्रांगण में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सदस्य सचिव श्री पुरुषोत्तम मिश्रा ने यह महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने कहा, ‘मामलों के निष्पादन का आंकड़ा एक लाख तक भी पहुंच सकता है।’
तैयारियों का अंतिम चरण: आम लोगों के लिए विशेष व्यवस्था
राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल संचालन के लिए व्यापक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। BSLSA के संयुक्त सचिव श्री अविनाश कुमार ने बताया कि राज्य के सभी शिविरों में पेयजल, साफ-सफाई और किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए चिकित्सकीय सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की गई है। आम लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इन इंतजामों पर विशेष जोर दिया गया है।
राजधानी पटना के गांधी मैदान में ट्रैफिक चालान से संबंधित मामलों के त्वरित निपटारे के लिए विशेष रूप से 30 काउंटर लगाए जाएंगे। यहां आने वाले लोगों को अपने चालान, ड्राइविंग लाइसेंस और आधार कार्ड जैसे आवश्यक दस्तावेज साथ लाने होंगे, ताकि उनके मामलों का तुरंत समाधान हो सके।
सुलभ न्याय का लक्ष्य: कौन से मामले होंगे शामिल?
BSLSA के रजिस्ट्रार श्री आशुतोष कुमार रवि ने राष्ट्रीय लोक अदालत के पीछे के मुख्य उद्देश्य को स्पष्ट किया। उन्होंने बताया, ‘राष्ट्रीय लोक अदालत के आयोजन का मुख्य उद्देश्य आम लोगों, विशेषकर जरूरतमंद लोगों को सुलभ, निःशुल्क एवं त्वरित न्याय उपलब्ध कराना है। लोक अदालत के माध्यम से पक्षकार आपसी सहमति और समझौते के आधार पर अपने मामलों का त्वरित एवं सरल तरीके से समाधान प्राप्त कर सकते हैं।’
राष्ट्रीय लोक अदालत के आयोजन का मुख्य उद्देश्य आम लोगों, विशेषकर जरूरतमंद लोगों को सुलभ, निःशुल्क एवं त्वरित न्याय उपलब्ध कराना है। लोक अदालत के माध्यम से पक्षकार आपसी सहमति और समझौते के आधार पर अपने मामलों का त्वरित एवं सरल तरीके से समाधान प्राप्त कर सकते हैं।
इस लोक अदालत में विभिन्न प्रकार के मुकदमे पूर्व और लंबित वादों की सुनवाई की जाएगी। इनमें शमनीय (कम्पाउंडेबल) आपराधिक वाद से लेकर वैवाहिक विवाद तक शामिल हैं, जिनका आपसी सुलह के आधार पर तत्काल निष्पादन किया जाएगा।
| मामले का प्रकार | उदाहरण |
|---|---|
| आपराधिक वाद | शमनीय (कम्पाउंडेबल) आपराधिक मामले |
| वित्तीय विवाद | एन. आई. एक्ट धारा 138 वाद, बैंक ऋण वसूली वाद |
| दुर्घटना दावा | मोटर दुर्घटना दावा वाद |
| श्रम संबंधी | श्रम विवाद |
| उपभोक्ता विवाद | विद्युत तथा पानी बिल संबंधी विवाद |
| पारिवारिक मामले | वैवाहिक विवाद |
| संपत्ति विवाद | भूमि अधिग्रहण वाद, किराया, सुखाधिकार, निषेधाज्ञा वाद |
| सेवा संबंधी | वेतन, भत्ता एवं सेवानिवृत्ति लाभ |
| राजस्व मामले | जिला न्यायालय में लंबित |
| अन्य दीवानी मामले | संविदा के विनिर्दिष्ट पालन हेतु वाद, बी.एस.एन.एल इत्यादि |
यह तालिका दर्शाती है कि लोक अदालत में कितने विविध प्रकार के मामलों का समाधान किया जा सकता है, जिससे न्याय प्रक्रिया सरल और सुलभ बनती है।
दरभंगा में भी 30 बेंच तैयार, त्वरित सुनवाई का इंतजाम
राज्य के अन्य जिलों की तरह दरभंगा में भी राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। 12 सितंबर 2026, शनिवार को व्यवहार न्यायालय, दरभंगा के साथ-साथ बेनीपुर और बिरौल में भी सुबह 10:00 बजे से लोक अदालत का शुभारंभ होगा। यहां आपसी सुलहनामे के आधार पर कंपाउडेबल वादों की सुनवाई कर उनका निस्तारण किया जाएगा।
बिहार विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देश पर, दरभंगा में राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए कुल 30 बेंच गठित की गई हैं। इनमें व्यवहार न्यायालय, दरभंगा में 22 बेंच, व्यवहार न्यायालय, बेनीपुर में 4 बेंच और व्यवहार न्यायालय, बिरौल में 4 बेंच शामिल हैं। प्रत्येक बेंच में एक पीठासीन पदाधिकारी, एक वकील और एक पीठ लिपिक की प्रतिनियुक्ति की गई है, ताकि मामलों की त्वरित सुनवाई सुनिश्चित की जा सके।
यह राष्ट्रीय लोक अदालत हजारों लोगों को वर्षों से लंबित पड़े मामलों से राहत दिलाकर न्याय की राह आसान करेगी। बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण का यह प्रयास आम नागरिकों को सस्ता और त्वरित न्याय उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।






