Bihar Radha Ashtami: बिहार के जाले स्थित रतनपुर की प्रसिद्ध श्री चैतन्य कुटी में पांच दिवसीय श्रीराधाष्टमी महा महोत्सव का भक्तिपूर्ण आगाज हो चुका है। 15 सितंबर की देर शाम अधिवास उत्सव के साथ शुरू हुए इस महोत्सव से पूरा परिसर भक्तिरस में डूब गया है। जगतगुरु श्रीराधावल्लभ दासजी महाराज के सानिध्य में हो रहे इस आयोजन में मिथिला और पड़ोसी देश नेपाल से बड़ी संख्या में वैष्णव जन, साधु-संत और भक्ति संगीत के कलाकार पहुंच रहे हैं, जिससे आध्यात्मिक माहौल और गहरा हो गया है।
अधिवास उत्सव के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ और धार्मिक अनुष्ठानों ने चैतन्य कुटी में एक दिव्य वातावरण बना दिया। अब बुधवार की सुबह से यहां हरिनाम संकीर्तन की गूंज सुनाई देगी, जो अगले कई दिनों तक जारी रहेगी। संकीर्तन और भक्ति संगीत के आयोजन से पूरा क्षेत्र राधे-राधे के जयकारों से गुंजायमान रहेगा।
श्रीराधाष्टमी महोत्सव: कब क्या होगा?
इस भव्य महोत्सव के दौरान कई महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन निर्धारित किए गए हैं। प्रत्येक दिन विशेष पूजा-अर्चना और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा, जिसमें श्रद्धालु भाग ले सकेंगे।
- 18 सितंबर: गोस्वामी श्रीराधिका दासजी महाराज का तिरोभाव उत्सव एवं पट पूजन किया जाएगा।
- 19 सितंबर: अहले सुबह श्रीराधारानी का अभिषेक पूजन एवं आविर्भाव महोत्सव आयोजित होगा।
इस अवसर पर बधाई कार्यक्रम के साथ-साथ विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए जाएंगे, जो भक्तों को आध्यात्मिक आनंद से सराबोर कर देंगे।
मिथिला और नेपाल से उमड़ा जनसैलाब
श्रीराधाष्टमी महोत्सव में शामिल होने के लिए मिथिला के हर कोने और पड़ोसी राष्ट्र नेपाल से बड़ी संख्या में भक्त रतनपुर पहुंच चुके हैं। श्रद्धालुओं की लगातार आवाजाही से चैतन्य कुटी परिसर में एक उत्सव का माहौल बन गया है। पांच दिनों तक चलने वाले इन धार्मिक आयोजनों को लेकर भक्तों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है।
जगतगुरु के शिष्य संत उद्धव दास ने बताया, ‘महोत्सव के दौरान निर्धारित तिथियों पर धार्मिक अनुष्ठान, हरिनाम संकीर्तन, पूजन, बधाई एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिससे सभी भक्तजन लाभान्वित हो सकें।’
यह महोत्सव न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बना है, बल्कि यह मिथिला की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को भी जीवंत कर रहा है। आने वाले दिनों में यहां होने वाले अनुष्ठान और संकीर्तन भक्तों को भक्तिमय ऊर्जा से भर देंगे।







