Bihar Vigilance Raid: भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी मुहिम के तहत बिहार में निगरानी विभाग ने बुधवार को एक बड़ी कार्रवाई की है। पूर्णिया में पदस्थापित भवन निर्माण विभाग के एक कार्यपालक अभियंता के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में तीन ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की गई है। निगरानी टीम की यह कार्रवाई पूर्णिया से लेकर राज्य की राजधानी पटना तक चल रही है, जिससे प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, भवन निर्माण विभाग में कार्यरत कार्यपालक अभियंता के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति जमा करने की शिकायतें सामने आई थीं। इन्हीं शिकायतों के आधार पर निगरानी विभाग ने अपनी जांच को आगे बढ़ाते हुए बुधवार सुबह उनके आवास और अन्य ठिकानों पर दबिश दी। निगरानी की टीमें सुबह से ही विभिन्न स्थानों पर पहुंचकर दस्तावेजों और अन्य महत्वपूर्ण सामानों की गहनता से जांच कर रही हैं।
निगरानी की कार्रवाई से हड़कंप, क्या-क्या खंगाला जा रहा?
निगरानी विभाग की टीमें पूर्णिया और पटना से जुड़े तीन अलग-अलग परिसरों में मौजूद कागजात, संपत्ति से जुड़े दस्तावेज, बैंक खातों के लेनदेन और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड्स की पड़ताल कर रही हैं। अधिकारी और उनके परिवार से संबंधित सभी वित्तीय लेनदेन तथा संपत्ति के रिकॉर्ड्स को खंगाला जा रहा है। इस छापेमारी का मुख्य उद्देश्य आय से अधिक संपत्ति के आरोपों की पुष्टि करना और संबंधित साक्ष्य जुटाना है।
फिलहाल, छापेमारी की कार्रवाई जारी है। टीम को मौके से क्या-क्या दस्तावेज और सामग्रियां मिली हैं, इसका विस्तृत ब्यौरा छापेमारी पूरी होने के बाद ही सामने आ पाएगा। बरामद किए गए दस्तावेजों और अन्य सामग्रियों का मूल्यांकन जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद किया जाएगा।
भ्रष्टाचार पर सरकार का शिकंजा, आगे क्या होगा?
भवन निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता के खिलाफ निगरानी की इस वृहद कार्रवाई से विभाग में भी हलचल तेज हो गई है। एक साथ तीन ठिकानों पर की गई छापेमारी ने इस मामले को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। यह कार्रवाई बिहार सरकार की भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति का हिस्सा मानी जा रही है। निगरानी विभाग की टीम अभी भी दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की जांच में जुटी हुई है। छापेमारी खत्म होने के बाद ही इस मामले में आगे की विस्तृत जानकारी और कार्रवाई सामने आने की उम्मीद है।







