Jale Passport Fraud: बिहार के दरभंगा जिले के जाले थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति द्वारा दो अलग-अलग नामों और जन्मतिथियों से दो पासपोर्ट बनवाने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पुलिस ने गहन जांच के बाद इस गंभीर धोखाधड़ी के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की है। यह खुलासा क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय, पटना से मिली सूचना के बाद हुआ, जिसके आधार पर एसएसपी कार्यालय के निर्देश पर कार्रवाई की गई है।
कैसे हुआ दोहरी पहचान का खुलासा?
जाले थाना अध्यक्ष संदीप कुमार पाल ने बताया कि एसएसपी कार्यालय से 30 जुलाई 2026 को प्राप्त आदेश के आलोक में यह कार्रवाई की गई है। क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय, पटना ने पुलिस को जानकारी दी थी कि राशिद अहमद नाम से सात नवंबर 2003 को एक पासपोर्ट (संख्या ई-4576837) जारी हुआ था, जिसमें जन्मतिथि पांच जनवरी 1970 दर्ज थी।

इसके बाद, मिर्जा राशिद मिन्हाज बेग के नाम से 14 जनवरी 2015 को दूसरा पासपोर्ट (संख्या एम-5347856) जारी किया गया, जिसकी जन्मतिथि दो मार्च 1975 थी। स्थानीय स्तर पर मिर्जापुर में की गई पुलिस जांच में यह पुष्टि हुई कि दोनों पासपोर्ट एक ही व्यक्ति के हैं। आरोप है कि इस व्यक्ति ने अलग-अलग पहचान संबंधी दस्तावेजों का उपयोग करके दोनों पासपोर्ट बनवाए थे।
कानून के शिकंजे में जालसाज
पुलिस के अनुसार, यह भी संदेह है कि संबंधित व्यक्ति ने इन दोनों पासपोर्ट का इस्तेमाल कर विदेश यात्राएं भी की हैं। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए, वशीर अहमद उर्फ मिर्जा वशीर अहमद बेग के पुत्र राशिद अहमद उर्फ मिर्जा राशिद मिन्हाज बेग के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं और पासपोर्ट एक्ट 1967 की धारा 12(1)(S) के तहत जाले थाना में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
पुलिस के अनुसार, ‘जांच में दोनों पासपोर्ट एक ही व्यक्ति के होने की पुष्टि हुई है। अलग-अलग पहचान संबंधी दस्तावेजों के आधार पर दोनों पासपोर्ट बनवाये गये थे।’
विदेश यात्राओं की पड़ताल जारी
पुलिस अब इस जालसाजी के पीछे के पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही है। इसमें यह भी जांच की जा रही है कि क्या व्यक्ति ने इन दोनों पासपोर्ट का उपयोग कर कोई अवैध गतिविधियां संचालित की हैं या नहीं। उसकी विदेश यात्राओं के रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं, ताकि सच्चाई सामने आ सके। इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है और जल्द ही अन्य तथ्य सामने आने की उम्मीद है।







