Darbhanga Agriculture: दरभंगा के जाले स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस पहल से दरभंगा कृषि क्षेत्र में किसानों को अब आधुनिक इनपुट और वित्तीय सहायता का सीधा लाभ मिलेगा। इफको द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में 100 से अधिक उर्वरक विक्रेता शामिल हुए, जिन्हें खेती की लागत कम करने और उत्पादन बढ़ाने के तरीकों पर विस्तृत जानकारी दी गई।
कृषि उत्पादों के सही उपयोग पर जोर
कार्यक्रम का उद्घाटन दरभंगा प्रमंडल के पौधा संरक्षण उप निदेशक राधेश्याम गुप्ता, इफको किसान फाइनेंस लिमिटेड नई दिल्ली के उपाध्यक्ष अभिषेक कुमार, कृषि विज्ञान केंद्र के वरीय वैज्ञानिक डॉ. दिव्यांशु शेखर और इफको कृषि सेवा प्रबंधक डॉ. रमेश कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। पौधा संरक्षण उप निदेशक राधेश्याम गुप्ता ने बिक्री कर्मियों से इफको के सभी उत्पादों की विस्तृत जानकारी रखने का आग्रह किया। उनका कहना था कि इससे किसानों को सही समय पर गुणवत्तापूर्ण कृषि इनपुट उपलब्ध हो पाएगा।
इफको कृषि सेवा प्रबंधक डॉ. रमेश कुमार ने नैनो उर्वरक, सागरिका, एनपीके कंसोर्टिया और जल में घुलनशील उर्वरकों के उपयोग के बारे में बताया। उन्होंने संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन और टिकाऊ कृषि के महत्व पर भी बल दिया।
किसानों के लिए नई ऋण सुविधाएं
कृषि विज्ञान केंद्र के वरीय वैज्ञानिक डॉ. दिव्यांशु शेखर ने कम होती कृषि योग्य भूमि और बढ़ती आबादी के बीच खेती की लागत घटाने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की। इफको किसान फाइनेंस लिमिटेड नई दिल्ली के उपाध्यक्ष अभिषेक कुमार और इफको किसान फाइनेंस के स्टेट हेड अमितेश कुमार ने किसानों के लिए विशेष ऋण सुविधाओं की जानकारी साझा की।
यह सुविधा डोर-स्टेप ऋण, न्यूनतम दस्तावेज और आसान पुनर्भुगतान विकल्पों के साथ उपलब्ध होगी, जिससे किसानों को वित्तीय सहायता आसानी से मिल सकेगी।
इस कार्यक्रम में इफको के कई पदाधिकारी और बिक्री कर्मी भी मौजूद रहे। क्षेत्र प्रतिनिधि अमृतेश कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम से जिले के इफको उर्वरक विक्रेता अब किसानों को बेहतर सलाह और उत्पाद उपलब्ध करा सकेंगे। उम्मीद है कि यह पहल दरभंगा सहित पूरे बिहार में कृषि उत्पादकता बढ़ाने और किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने में सहायक सिद्ध होगी।








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