Bihar Police Action: प्रभास रंजन दरभंगा। बिहार के दरभंगा जिले में पुलिस महकमे में बड़ा एक्शन हुआ है। कर्तव्य में लापरवाही, भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता के गंभीर आरोपों के तहत वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) जगुनाथ रेड्डी जलारेड्डी ने एक साथ तीन पुलिस अधिकारियों और कर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस कड़े कदम से पुलिसकर्मियों के बीच हड़कंप मच गया है। एसएसपी ने साफ संदेश दिया है कि पुलिस की छवि खराब करने वाले किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा।
बलात्कार के मामलों में लापरवाही पर दारोगा निलंबित
महिला थाना में पदस्थापित पुलिस अवर निरीक्षक संजीव कुमार रजक को अनुसंधान में घोर लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित किया गया है। एसएसपी ने अगस्त 2026 तक प्रतिवेदित बलात्कार शीर्ष के लंबित कांडों की समीक्षा की। इस दौरान पाया गया कि संजीव कुमार रजक ने महिला थाना कांड संख्या-70/24, 56/25 और 24/26 के अनुसंधान में गंभीर लापरवाही बरती थी, जिसके कारण ये मामले अभी तक लंबित थे। उनकी इस उदासीनता को देखते हुए यह कार्रवाई की गई है।
रिश्वत के ऑडियो में फंसे SI अजय कुमार
साइबर थाना के तत्कालीन पीटीसी और वर्तमान सहायक अवर निरीक्षक अजय कुमार को रिश्वत के लेनदेन से जुड़े एक ऑडियो क्लिप के वायरल होने के बाद निलंबित किया गया है। पुलिस उपाधीक्षक रक्षित द्वारा समर्पित प्रतिवेदन में यह जानकारी दी गई थी कि इंटरनेट मीडिया पर एक ऑडियो क्लिप प्रसारित हो रहा है। इस ऑडियो क्लिप में साइबर थाना कांड संख्या-24/25 के अभियुक्त किशोर कुमार पासवान के स्वजन से 25 हजार रुपये के लेन-देन की बात की जा रही थी। जांच में पुष्टि हुई कि प्रसारित ऑडियो क्लिप में अजय कुमार की ही आवाज थी, जिसके बाद उन पर गाज गिरी।
बिना हथियार संतरी ड्यूटी करने वाली महिला सिपाही भी सस्पेंड
मनिगाछी थाना में प्रतिनियुक्त महिला सिपाही संख्या-1970 खुशबू कुमारी को भी ड्यूटी में लापरवाही के आरोप में निलंबित किया गया है। ग्रामीण पुलिस अधीक्षक साक्षी कुमारी ने अपने प्रतिवेदन में बताया कि 15 सितंबर 2026 की रात्रि में मनिगाछी थाना का औचक निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण के दौरान खुशबू कुमारी को बिना हथियार के संतरी ड्यूटी करते हुए पाया गया। इस संबंध में पूछताछ करने पर वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाईं। ग्रामीण पुलिस अधीक्षक की अनुशंसा के आलोक में एसएसपी ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
एसएसपी जगुनाथ रेड्डी जलारेड्डी ने स्पष्ट कहा है, “पुलिस की छवि खराब करने वाले और काम में लापरवाही बरतने वाले किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा।”
निलंबित किए गए सभी पुलिसकर्मियों का मुख्यालय पुलिस केंद्र बनाया गया है और उन्हें सामान्य जीवन यापन भत्ता पर रखा गया है। यह कार्रवाई बिहार पुलिस की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।







