Phagwara Violence: फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) में छात्रों का प्रदर्शन रविवार रात अचानक हिंसक हो उठा। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई भीषण झड़प में पथराव, पुलिस वाहनों को नुकसान और एक पुलिस जीप को आग लगाने जैसी गंभीर घटनाएं सामने आईं। इस दौरान पुलिसकर्मियों समेत एक दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है।
यह घटना रात करीब आठ बजे हुई जब प्रदर्शनकारी छात्र और पुलिस आमने-सामने आ गए। पुलिस के अनुसार, सुरक्षा कारणों से आसपास की लाइटें बंद कर दी गई थीं, लेकिन इसके बावजूद प्रदर्शनकारियों ने पथराव जारी रखा। रोशनी या मोबाइल फोन की फ्लैश दिखाई देने वाली दिशा में भी पत्थर फेंके गए। स्थिति तब और बिगड़ गई जब पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को हिंसा से रोकने का प्रयास किया, जिसके बाद उन पर कथित तौर पर पथराव शुरू हो गया। भीड़ को तितर-बितर करने और हालात को काबू में करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा।

‘पुलिस ने जांच में पारदर्शिता बनाए रखने का प्रयास किया और संबंधित सीसीटीवी फुटेज समेत जरूरी सामग्री छात्रों के साथ साझा की गई। इसके बावजूद छात्रों के एक वर्ग में विश्वविद्यालय प्रशासन को लेकर अविश्वास बना हुआ है।’
कपूरथला के एसएसपी गौरव तूरा
प्रदर्शनकारी छात्र एक छात्रा के कथित दुष्कर्म मामले में पुलिस जांच के तरीके पर गहरा असंतोष जता रहे थे। उनका कहना था कि उन्हें मामले में अधिकारियों से संतोषजनक जवाब नहीं मिला है। कपूरथला के एसएसपी गौरव तूरा ने बताया कि पुलिस ने जांच में पूरी पारदर्शिता बरतने की कोशिश की है और संबंधित सीसीटीवी फुटेज सहित आवश्यक सामग्री छात्रों के साथ साझा की गई थी। हालांकि, छात्रों के एक वर्ग में विश्वविद्यालय प्रशासन के प्रति अविश्वास अब भी कायम है।
बिहार के सीएम सम्राट चौधरी ने लिखा / लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के संस्थापक एवं सांसद अशोक मित्तल से बात हुई। बिहार के छात्रों की सुरक्षा एवं हितों को लेकर उन्होंने पूर्ण सहयोग और आवश्यक कदम सुनिश्चित करने का भरोसा दिया है।
इसी मुद्दे को लेकर पहले भी विश्वविद्यालय परिसर और जालंधर-फगवाड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग पर विरोध प्रदर्शन हो चुके हैं, जिसके कारण अमृतसर-दिल्ली मार्ग पर हजारों यात्री परेशान हुए थे। घटनास्थल पर फगवाड़ा के एसपी मेजर सिंह, डीएसपी पलविंदर सिंह और एसडीएम नवजोत शर्मा मौजूद रहे। पुलिस और सिविल प्रशासन के अधिकारी स्थिति को नियंत्रित करने के लगातार प्रयास कर रहे हैं। फिलहाल, पुलिस उन परिस्थितियों की जांच में जुटी है कि आखिर किस वजह से शांतिपूर्ण शुरू हुआ यह प्रदर्शन हिंसक झड़प में बदल गया।

