Bihar Flood: नेपाल के तराई इलाकों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने बिहार की चिंता बढ़ा दी है। गंडक नदी ने एक बार फिर अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। सोमवार सुबह वाल्मीकिनगर गंडक बराज से 5 लाख 43 हजार क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने के बाद पश्चिमी चंपारण से लेकर पूर्वी चंपारण तक नदी के तटवर्ती क्षेत्रों में हड़कंप मच गया है। कई गांवों और सड़कों पर बाढ़ का पानी घुसने लगा है, जिससे निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।
गंडक में रिकॉर्ड तोड़ पानी का बहाव: देवघाट स्टेशन से खतरा
गंडक नदी में पानी के बहाव ने इस साल के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। रविवार को नेपाल के देवघाट गेज स्टेशन से 6.52 लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा गया, जो 1999 के पुराने रिकॉर्ड को भी पार कर गया है। इस भारी जलप्रवाह का सीधा असर बिहार के वाल्मीकिनगर बराज पर पड़ा। रविवार रात से सोमवार सुबह के बीच बराज से पानी का डिस्चार्ज 5.15 लाख क्यूसेक से बढ़कर 5.43 लाख क्यूसेक तक पहुंच गया। यह आंकड़ा इस साल का अब तक का सबसे बड़ा डिस्चार्ज है, जबकि 2024 में अधिकतम 5.62 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था।

चंपारण के गांवों पर बाढ़ और कटाव का खतरा
गंडक नदी के उफान से पूर्वी चंपारण के अरेराज अनुमंडल के निचले इलाकों में भी पानी फैलने लगा है। सरेया, मिश्रौलिया, पुछरिया, बिंद टोली और नवादा जैसे गांवों पर अब बाढ़ और कटाव का गंभीर खतरा मंडरा रहा है। प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तटबंधों की सुरक्षा बढ़ा दी है।
प्रशासन ने तटबंधों के इन संवेदनशील बिंदुओं पर चौबीसों घंटे निगरानी रखने का निर्देश दिया है:
- हरखटोला
- बहेलिया
- चंदरपुर
- बररिया
- सेमरबारी
इसके साथ ही पीपी (पिपरा-पिपरपासी) और आमवा-पिपरा तटबंधों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। स्थानीय प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। लोगों से सतर्क रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।

