Bihar Women Startup: बिहार की महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में राज्य सरकार एक महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रही है। जल्द ही ‘बेटी स्टार्टअप चैलेंज योजना’ शुरू की जाएगी, जिसका उद्देश्य बेटियों को अपना व्यवसाय स्थापित करने में मदद करना है। इस पहल की जिम्मेदारी उच्च शिक्षा विभाग को सौंपी गई है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश के बाद विभाग ने इस योजना का प्रस्ताव तैयार कर लिया है। यह योजना बिहार की महिलाओं को खुद का स्टार्टअप शुरू करने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करेगी। वर्तमान में, प्रस्तावित योजना पर वित्त विभाग की सहमति का इंतजार है, जिसके बाद इसे राज्य मंत्रिमंडल की स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा।
चालू वित्तीय वर्ष में लॉन्च होगी योजना, मिलेगा 2 लाख तक अनुदान
यह उम्मीद की जा रही है कि ‘बेटी स्टार्टअप चैलेंज योजना’ इसी चालू वित्तीय वर्ष में लॉन्च कर दी जाएगी। प्रस्ताव के अनुसार, नए और इनोवेटिव बिजनेस आइडिया के आधार पर लाभार्थियों को अनुदान दिया जाएगा। इस योजना के तहत 50 हजार रुपये से लेकर 2 लाख रुपये तक का अनुदान मिलने का प्रावधान है। भविष्य में इस अनुदान राशि में बढ़ोतरी की संभावना भी जताई गई है, जिससे अधिक से अधिक बेटियों को लाभ मिल सके। उच्च शिक्षा विभाग और उद्योग विभाग मिलकर इस योजना को सफल बनाने पर काम करेंगे।
कौन कर सकेगा आवेदन? जानें योग्यता और प्राथमिकता
उच्च शिक्षा विभाग द्वारा तैयार की गई पात्रता मानदंडों के अनुसार, आवेदन करने वाले का बिहार का स्थायी निवासी होना अनिवार्य है। इसके साथ ही, न्यूनतम आयु 18 वर्ष होनी चाहिए। इस नई स्कीम के तहत उन आइडियाज को मुख्य रूप से प्राथमिकता दी जाएगी जो न केवल व्यावहारिक हों, बल्कि राज्य में रोजगार के नए अवसर भी पैदा कर सकें। यह योजना बेटियों को सिर्फ नौकरी खोजने वाली नहीं, बल्कि आर्थिक रूप से स्वतंत्र और नवाचार के माध्यम से राज्य के विकास में नई भूमिका निभाने वाली बनाएगी।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रक्षाबंधन के अवसर पर इस महत्वाकांक्षी योजना की घोषणा की थी। बिहार की बेटियों को उद्यमी बनाने के लिए सरकार की यह पहल राज्य में पहली बार लाई जा रही है, जो महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता और सशक्तिकरण को नई दिशा देगी।







