Darbhanga Bail Rejection: बिहार में अपराध पर लगाम लगाने के लिए दरभंगा की अदालतों ने सख्त तेवर दिखाए हैं। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय कुमार शर्मा और द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश संतोष कुमार पांडेय की अदालतों ने हत्या, जानलेवा हमला, विद्युत केबल चोरी और फर्जी नौकरी रैकेट जैसे गंभीर मामलों में कुल 8 आरोपियों की अग्रिम और नियमित जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं। इस फैसले से अपराधियों के हौसले पस्त हुए हैं और कानूनी प्रक्रिया में लोगों का विश्वास बढ़ा है।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय कुमार शर्मा की अदालत ने पांच आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिकाएं रद्द की हैं। इनमें बहादुरपुर थाना कांड संख्या 258/26 से जुड़े तारालाही गांव के मो. इशान, मो. अरमान, मो. इरशाद और मो. सलाम शामिल हैं, जिन पर जानलेवा हमला करने का आरोप है। इसके अतिरिक्त, रैयाम थाना कांड संख्या 27/26 में विद्युत केबल तार चोरी के आरोपी बेलम गांव निवासी मो. शुभम की अग्रिम जमानत भी खारिज कर दी गई है।
दरभंगा की अदालतों ने गंभीर अपराधों में लिप्त आरोपियों को राहत देने से साफ इनकार कर दिया है। यह न्यायपालिका के कड़े रुख को दर्शाता है, जिससे अपराध नियंत्रण में मदद मिलेगी।
द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश संतोष कुमार पांडेय की अदालत ने भी महत्वपूर्ण फैसले सुनाए हैं। लहेरियासराय थाना कांड संख्या 450/26 में न्यायालय के फर्जी दस्तावेज बनाने, उनका उपयोग करने और फर्जी नौकरी रैकेट चलाने के आरोप में देव उर्फ चंदेश्वरम और नयीमुद्दीन की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी गई। यह मामला फर्जीवाड़े के खिलाफ न्यायपालिका की गंभीरता को उजागर करता है।
इसी अदालत ने बहादुरपुर थाना कांड संख्या 125/26 में हत्या के आरोपी कैशर उर्फ मो. कौशर की नियमित जमानत याचिका भी रद्द कर दी। अहमदी खातून की हत्या के आरोप में वह 20 अगस्त 2026 से न्यायिक हिरासत में है। एकमीघाट चांडी निवासी अहमदी खातून की हत्या के मामले में आरोपी की जमानत रद्द होना यह सुनिश्चित करता है कि गंभीर अपराधों में शामिल व्यक्ति को आसानी से छूट नहीं मिलेगी। इन फैसलों से न्याय की उम्मीद लगाए बैठे पीड़ितों को बड़ी राहत मिली है।







