Bihar Anganwadi: आज बिहार के लाखों बच्चों के लिए एक खास दिन रहा, जब राज्य के 1 लाख 15 हजार 564 आंगनबाड़ी केंद्रों पर ‘आंगन का मिलन’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस राज्यव्यापी आयोजन का शुभारंभ मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना के फुलवारी शरीफ स्थित एक आंगनबाड़ी केंद्र से किया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के साथ सीधा संवाद स्थापित करना और उन्हें बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना था।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस दौरान लाभार्थी समूह के बच्चों से खुलकर बात की और उन्हें अपने हाथों से मिठाई खिलाई। उन्होंने केंद्र में उपलब्ध व्यवस्थाओं और बच्चों के लिए किए गए इंतजामों की जानकारी भी ली। इस कार्यक्रम से आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के साथ सीखने और मनोरंजन से जुड़ी गतिविधियों का जीवंत माहौल बन सका।
बच्चों को मिली फल-मिठाई, सेविका-सहायिका का सम्मान
आयोजन के दौरान 3 से 6 वर्ष की आयु के सभी बच्चों को फल और मिठाई वितरित की गई। बच्चों के मनोरंजन और सीखने के लिए चित्रकला, खेल और बाल गीत जैसी रोचक गतिविधियां भी कराई गईं। यह बच्चों के लिए एक यादगार और उत्साहपूर्ण अनुभव रहा।
कार्यक्रम में आंगनबाड़ी सेविका और सहायिका के साथ-साथ आशा कार्यकर्ताओं तथा लाभार्थियों का सार्वजनिक सम्मान भी किया गया। कई केंद्रों पर अन्नप्राशन और गोद भराई जैसे पारंपरिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए, जिसमें बच्चों और उनके परिवारों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की। पटना में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उपमुख्यमंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव और सामाजिक कल्याण विभाग की मंत्री श्वेता गुप्ता भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा, ‘आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। बच्चों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में आने वाले दिनों में जरूरी इंतजाम किए जाएंगे।’
CM ने सुनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की समस्याएं
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आंगनबाड़ी केंद्र की सेविका और सहायिका से सीधे बातचीत की। उन्होंने केंद्र में बच्चों के लिए उपलब्ध व्यवस्थाओं के बारे में विस्तार से जानकारी ली। इस दौरान सेविका और सहायिकाओं ने मुख्यमंत्री के सामने अपनी समस्याएं भी रखीं। मुख्यमंत्री ने उनकी समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुनते हुए उनके समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
इस कार्यक्रम के माध्यम से सरकार ने आंगनबाड़ी केंद्रों को मजबूत करने और बच्चों के समग्र विकास के प्रति अपनी गंभीरता प्रदर्शित की है। आने वाले समय में इन केंद्रों पर और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे, जिससे बिहार के नौनिहालों का भविष्य उज्ज्वल हो सके।








You must be logged in to post a comment.