Siwan Drowning: बिहार के सिवान जिले में जीवित्पुत्रिका व्रत (जितिया) के पावन अवसर पर एक हृदय विदारक घटना सामने आई है। सिसवन प्रखंड के रामपुर-बगही पोखरा में शनिवार की संध्या स्नान करने गईं तीन किशोरियों की डूबने से मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे गांव में मातम पसर गया है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
जितिया पर्व के लिए स्नान करने गईं ये बेटियां वापस नहीं लौटीं, जिससे पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस और सीओ (अंचलाधिकारी) मौके पर पहुंचे, लेकिन परिजनों ने शवों का पोस्टमार्टम कराने से साफ इनकार कर दिया।
एक ही गांव की तीन बेटियां बनीं काल का ग्रास
यह दुखद घटना सिवान के सिसवन प्रखंड स्थित रामपुर-बगही पोखरा में हुई। मृतकों की पहचान रामपुर गांव निवासी कमलेश साह की 15 वर्षीय पुत्री अंशु कुमारी, राजू साह की 12 वर्षीय पुत्री अंजली कुमारी और मनोज पंडित की 13 वर्षीय पुत्री अनीशा कुमारी के रूप में की गई है। तीनों किशोरियां एक ही गांव की थीं और जितिया स्नान के लिए पोखर में गई थीं।
घटना के बाद पूरे रामपुर गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। जिसने भी इस खबर को सुना, वह सन्न रह गया। परिवारों में चीख-पुकार मची हुई है, जिसने माहौल को और भी गमगीन बना दिया है।
पोस्टमार्टम से इनकार, पुलिस कर रही समझाने की कोशिश
सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुंची। सीओ भी मौके पर मौजूद रहे और उन्होंने परिजनों से बात करने की कोशिश की। पुलिस ने शवों का पोस्टमार्टम कराने का आग्रह किया, जो कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है।
परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से किया इनकार। सूचना प्रेषण तक स्वजन पोस्टमार्टम कराने को तैयार नहीं थे।
हालांकि, गहरे सदमे और भावनात्मक पीड़ा के कारण तीनों किशोरियों के परिजन पोस्टमार्टम कराने को तैयार नहीं हुए। वे अपनी बेटियों के शवों को तुरंत घर ले जाना चाहते थे। पुलिस प्रशासन परिजनों को समझाने-बुझाने में जुटा है ताकि आगे की आवश्यक कार्रवाई की जा सके, लेकिन फिलहाल परिजन अपनी बात पर अड़े हुए हैं। इस घटना ने एक बार फिर धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान सुरक्षा उपायों की आवश्यकता पर विचार करने को मजबूर किया है।







