Bhagalpur Durga Puja: भागलपुर के नाथनगर स्थित सुजापुर में मां दुर्गा के आगमन से पहले 150 साल पुरानी एक अनूठी बंगाली पौराणिक प्रथा निभाई गई। सुजापुर दुर्गा मंदिर के मेंड़पति राजेश मोहन घोष ने सदियों पुरानी ‘कोड़ी लुटाना’ परंपरा का निर्वहन किया, जिसे क्षेत्र में काफी शुभ माना जाता है। इस आयोजन में पूरे गांव के लोग उत्साहपूर्वक शामिल हुए, जो आने वाली दुर्गा पूजा के लिए भक्तिमय माहौल तैयार कर रहा है।
यह परंपरा हर साल मां दुर्गा के आगमन से ठीक पहले निभाई जाती है। मान्यता है कि इससे पूरे क्षेत्र में सुख-समृद्धि आती है और मां का आशीर्वाद प्राप्त होता है। मेंड़पति राजेश मोहन घोष के अनुसार, यह प्रथा डेढ़ सौ वर्षों से अधिक समय से चली आ रही है और सुजापुर दुर्गा स्थान के इतिहास का एक अभिन्न अंग है।
दुर्गा पूजा की भव्य तैयारी, समिति सक्रिय
इस शुभ अवसर पर, नाथनगर पूजा समिति के अध्यक्ष पप्पू यादव ने भी दुर्गा पूजा की तैयारियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने घोषणा की कि इस वर्ष भी दुर्गा पूजा शांति, सद्भाव और भाईचारे के साथ मनाई जाएगी। समिति द्वारा घोसी टोला चौक के पास एक विशेष कैंप स्थापित किया जाएगा, ताकि भक्तों को कोई असुविधा न हो।
पप्पू यादव ने कहा, ‘दुर्गा पूजा भी शांति सद्भाव भाईचारा से मनाया जाएगा। पूजा समिति का घोसी टोला चौक के पास कैंप भी लगाया जाएगा। लाइट की व्यवस्था, माइक की व्यवस्था और पानी की व्यवस्था भव्य रूप से की जाएगी।’
समिति ने बताया कि लाइट, माइक और पानी की समुचित व्यवस्था की जाएगी, जिससे पूजा का आयोजन भव्य और सुचारु रूप से संपन्न हो सके। सुजापुर की यह प्राचीन परंपरा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह क्षेत्र में सामुदायिक एकता और सांस्कृतिक विरासत को भी मजबूत करती है, जो भागलपुर दुर्गा पूजा की पहचान है।







