Uttar Pradesh Cabinet Minister: सुल्तानपुर: उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद का एक बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। उन्होंने एक जनसभा में निषाद समाज के लोगों से अपील की कि अगर कोई उन पर हाथ उठाए तो उसका हाथ तोड़कर-काटकर फेंक दें। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि जमानत दिलाने का काम निषाद पार्टी करेगी।
संजय निषाद, जो निषाद पार्टी के अध्यक्ष भी हैं, उन्होंने जनता से आगामी चुनाव में अपनी पार्टी को वोट देने की अपील की। उनका कहना था कि ऐसा करने से निषाद समाज की महिलाओं की रक्षा हो सकेगी और समाज का विकास भी होगा। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
‘हाथ तोड़ो-काटो, जमानत हम कराएंगे’
जनसभा में बोलते हुए Uttar Pradesh Cabinet Minister संजय निषाद ने निषाद समाज की आबादी 18 प्रतिशत बताते हुए कहा कि अगर लोग निषाद पार्टी का झंडा घर-घर उठाएंगे तो कोई उन पर आंख उठाने की हिम्मत नहीं करेगा। उनके शब्दों में:
‘हमारी आबादी 18 प्रतिशत है। अगर आप हमारा झंडा घर-घर उठाएं, तब आप अपने बच्चे की शिक्षा चाहते हो, अपने बच्चों के लिए नौकरी चाहते हो, अपनी बेटियों की इज्जत चाहते हो। इसके लिए निषाद पार्टी का झंडा लहराओ। किसी की हिम्मत नहीं कि वह आप पर आंख उठाए।’
अपने भाषण में उन्होंने आगे एक बेहद भड़काऊ निर्देश दिया, जो अब चर्चा का विषय बन गया है। उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति हाथ उठाए, तो उसका हाथ काट देना चाहिए।
‘अगर कोई आपके ऊपर हाथ उठाता है, तो आपको हमारी तरफ से आदेश है कि आप उसका हाथ तोड़कर, काटकर फेंक दो, जेल से जमानत हम करा देंगे। इसलिए कहता हूं कि निषाद पार्टी का झंडा उठा लो। यह तुम्हारे बच्चों को नौकरी है, यह तुम्हारी बेटियों की इज्जत है और यह झंडा तुम्हारी सुरक्षा और सम्मान की गारंटी है।’
विपक्षियों पर साधा निशाना
इस दौरान संजय निषाद ने समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी पर भी आरोप लगाए। उन्होंने लोगों को सलाह दी कि अगर कोई दूसरी पार्टी उनके मोहल्ले में झंडा लेकर आए तो उनका स्वागत न करें। उन्होंने दावा किया कि जब तक जनता दूसरी पार्टियों का झंडा लहराती रहेगी, तब तक निषाद समाज का शोषण होता रहेगा और युवाओं की नौकरियों की लूट होती रहेगी। इसलिए उन्होंने लोगों से निषाद पार्टी का झंडा उठाने का आग्रह किया, ताकि ‘बेईमानों’ का झंडा न लहरा पाए। यह बयान रोमीता तिवारी के ट्विटर हैंडल से भी साझा किया गया है।
संजय निषाद के इस विवादित बयान के बाद राजनीतिक हलकों में इसकी तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल सकती है। ऐसे बयान चुनाव से पहले सियासी माहौल को और गरमा सकते हैं।







