Bihar Vidhan Parishad Election: बिहार में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है क्योंकि बिहार विधान परिषद की 8 स्नातक सीटों के लिए नामांकन प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में है। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 6 अक्टूबर निर्धारित है। इससे ठीक एक दिन पहले, 5 अक्टूबर को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के कई प्रमुख उम्मीदवारों ने अपने पर्चे भरे। इस दौरान, पटना स्नातक सीट से जदयू के दिग्गज नेता नीरज कुमार ने जीत का बड़ा दावा किया, साथ ही चुनावी मुद्दों को लेकर अपनी बात रखी।
नामांकन का अंतिम दौर, दिग्गजों ने भरी हुंकार
5 अक्टूबर को नामांकन दाखिल करने वालों में पटना स्नातक सीट से जदयू प्रत्याशी नीरज कुमार और तिरहुत स्नातक सीट से अभिषेक झा जैसे बड़े नाम शामिल रहे। वहीं, कोसी स्नातक सीट से कांग्रेस के मनोज जायसवाल और जन सुराज के डॉ. रजनीश रंजन ने भी अपने नामांकन पत्र भरे। इस मौके पर नीरज कुमार ने पूरे आत्मविश्वास के साथ कहा,
‘NDA आठों सीटों पर चुनाव लड़ रहा है और सभी सीटों पर जीत हासिल करेगा।’
उन्होंने स्पष्ट किया कि गठबंधन सभी सीटों पर जीत हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध है। नामांकन की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर तक उम्मीदवारों के पर्चे दाखिल करने का सिलसिला जारी रहेगा, जिसके बाद चुनावी मुकाबले की तस्वीर और साफ हो सकेगी।
‘नालंदा मॉडल’ पर सियासी घमासान, शिक्षा बना चुनावी मुद्दा
नामांकन के दौरान नीरज कुमार ने चुनावी मुद्दों को लेकर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि इस बात पर चर्चा होनी चाहिए कि नालंदा अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय का मॉडल आगे बढ़ेगा या नालंदा स्पोर्ट्स विश्वविद्यालय का मॉडल चलेगा। इसके साथ ही, उन्होंने चरवाहा विद्यालय के मॉडल का भी जिक्र किया। उनके इस बयान से साफ है कि आगामी बिहार विधान परिषद चुनाव में विकास और शिक्षा से जुड़े मॉडल एक महत्वपूर्ण राजनीतिक मुद्दा बनने वाले हैं। स्नातक मतदाताओं के बीच पूर्व विधायक अनंत सिंह के लिए संपर्क अभियान भी चलाया जा रहा है, और सैकड़ों बीएचयू छात्र नेता भी चुनावी मैदान में सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं, जो इस चुनाव के महत्व को दर्शाता है।
नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद, विभिन्न उम्मीदवारों की स्थिति स्पष्ट होगी और चुनावी रणनीति में और तेजी आएगी। यह चुनाव बिहार की राजनीतिक दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।







