Buxar Corridor: बिहार के बक्सर को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से सीधा जोड़ने वाले बहुप्रतीक्षित बक्सर स्पर पर काम तेजी से चल रहा है। गाजीपुर-बलिया-मांझीघाट ग्रीनफील्ड कॉरिडोर के पैकेज-1 के 34 किलोमीटर हिस्से पर 1 अक्टूबर से ट्रायल शुरू होने के बाद, अब सबकी निगाहें बक्सर स्पर पर टिकी हैं। पैकेज-4 के तहत यह 17.27 किलोमीटर लंबा स्पर दिसंबर तक यातायात के लिए खोल दिया जाएगा।
एनएचएआई, आजमगढ़ के परियोजना निदेशक पीयूष अग्रवाल ने बताया कि बक्सर फेज को दिसंबर तक शुरू करने का लक्ष्य है। यह महत्वपूर्ण बक्सर स्पर करीमुद्दीनपुर क्षेत्र के पास मुख्य ग्रीनफील्ड कॉरिडोर से जुड़ेगा। इसके बाद, यह भरौली के रास्ते बक्सर में गंगा पुल के संपर्क पथ तक पहुंचेगा, जिससे आवागमन में क्रांतिकारी बदलाव आएगा।
100 किमी/घंटा की रफ्तार से दौड़ेंगे वाहन, बचेगा समय
बक्सर स्पर की लंबाई 17.270 किलोमीटर है और इस परियोजना की लागत 617.89 करोड़ रुपये है। इसके चालू होने के बाद वाहन इस मार्ग पर 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से फर्राटा भर सकेंगे। इस परियोजना के पूरा होने से आजमगढ़, अयोध्या, लखनऊ और दिल्ली की ओर जाने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। उन्हें करीब 15 किलोमीटर की दूरी और लगभग 45 मिनट का समय बचने की उम्मीद है।
बक्सर स्पर का लगभग 80 से 85 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। हालांकि, इस परियोजना को मूल रूप से 14 जून 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन अब शेष कार्य को तेजी से निपटाकर इसे जल्द से जल्द यातायात के लिए खोलने की तैयारी चल रही है।
पुराने NH-31 पर जाम से मिलेगी मुक्ति
फिलहाल, बक्सर से गाजीपुर और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की ओर जाने वाले वाहनों को पुराने एनएच-31 पर निर्भर रहना पड़ता है। यह मार्ग भरौली, कुंडेसर और भांवरकोल क्षेत्र से होकर गुजरता है। संकरे हिस्सों और भारी मालवाहक वाहनों के कारण इस मार्ग पर अक्सर भीषण जाम लगता है, जिससे यात्रियों को निकलने में घंटों लग जाते हैं।
नया Buxar Corridor शुरू होने के बाद बक्सर से आने वाला यातायात सीधे मुख्य ग्रीनफील्ड कॉरिडोर तक पहुंच सकेगा। इससे पुराने मार्ग पर वाहनों की निर्भरता काफी कम हो जाएगी और जाम की समस्या से स्थायी राहत मिलने की उम्मीद है। बक्सर स्पर में सड़क का मुख्य हिस्सा लगभग तैयार हो चुका है। करीमुद्दीनपुर के पास करीब 205 मीटर लंबे चार लेन आरओबी (रेलवे ओवर ब्रिज) समेत पुलों के संपर्क मार्ग का निर्माण तेजी से जारी है। इन कार्यों के पूरा होते ही स्पर का मुख्य कॉरिडोर से संपर्क और बेहतर हो जाएगा।
चार पैकेज में बन रहा 134 किमी का विशाल नेटवर्क
पूरी योजना में 117.12 किलोमीटर का मुख्य ग्रीनफील्ड मार्ग और 17.27 किलोमीटर का बक्सर स्पर शामिल है, जिसका कुल नेटवर्क 134 किलोमीटर का है। इस परियोजना को चार पैकेज में बांटा गया है:
- हृदयपुर-शाहपुर: 42.5 किलोमीटर
- शाहपुर-पिंडारी: 35.65 किलोमीटर
- पिंडारी-रिवीलगंज बाईपास: 38.97 किलोमीटर
- बक्सर स्पर: 17.27 किलोमीटर
यह परियोजना पूरी होने के बाद पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार के बीच सड़क संपर्क का एक नया और मजबूत नेटवर्क तैयार करेगी। पश्चिमी और उत्तरी बिहार के बड़े हिस्से को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे नेटवर्क से बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। बक्सर से भोजपुर और आगे पटना की ओर आने-जाने वाले वाहनों को लखनऊ और दिल्ली की दिशा में एक नया और तेज मार्ग मिलेगा, जबकि सारण क्षेत्र भी इस मुख्य कॉरिडोर से जुड़ जाएगा।
बक्सर में तीसरे गंगा पुल से और सुधरेगा संपर्क
इस परियोजना के साथ बक्सर में गंगा पर एक और पुल का निर्माण भी महत्वपूर्ण कड़ी है। वर्तमान में बक्सर में गंगा नदी पर दो पुल हैं। 1965 में बने पुराने वीर कुंवर सिंह सेतु पर जर्जरता के कारण केवल हल्के वाहनों का आवागमन सीमित है। वहीं, 2022-23 में चालू हुए दो लेन के दूसरे पुल पर यूपी और बिहार की ओर जांच के कारण अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है।
एनएचएआई, पटना की ओर से जाम की समस्या के स्थायी समाधान के लिए गंगा पर करीब 3.2 किलोमीटर लंबे तीन लेन के एक और पुल और एलिवेटेड एप्रोच का निर्माण कराया जा रहा है। सितंबर 2025 में शुरू हुई इस परियोजना में अब तक करीब 30 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है, और इसे फरवरी 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य है।







