Bihar Flood: अभी बिहार में बाढ़ का खतरा पूरी तरह टला नहीं है. राज्य की प्रमुख नदियों का जलस्तर लगातार कम हो रहा है, जिससे बाढ़ की स्थिति में सुधार के संकेत मिल रहे हैं. इसके बावजूद, गंडक, गंगा, बूढ़ी गंडक और कोसी सहित कई नदियां कुछ जगहों पर अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. इस स्थिति को देखते हुए सरकार ने निगरानी और सतर्कता जारी रखने के निर्देश दिए हैं.
जल संसाधन विभाग की बुधवार सुबह छह बजे की रिपोर्ट के अनुसार, नदियों के जलस्तर में गिरावट का रुझान बना हुआ है. हालांकि, कुछ स्थानों पर पानी खतरे के निशान से मामूली ऊपर है, जबकि कुछ अन्य जगहों पर यह अंतर अधिक है.
खतरे के निशान से ऊपर बह रहीं ये प्रमुख नदियां
गोपालगंज के डुमरियाघाट में गंडक नदी का जलस्तर 62.24 मीटर दर्ज किया गया है. यहां खतरे का निशान 62.22 मीटर है, जिसका अर्थ है कि नदी 0.02 मीटर ऊपर बह रही है. डुमरियाघाट में जलस्तर फिलहाल स्थिर बना हुआ है. सुबह आठ बजे जारी गंडक गेज बुलेटिन में भी यह स्तर 62.24 मीटर पर ही दर्ज किया गया.
खगड़िया में बूढ़ी गंडक नदी का जलस्तर 37.26 मीटर है, जबकि खतरे का निशान 36.58 मीटर है. इस प्रकार, नदी खतरे के निशान से 0.68 मीटर ऊपर प्रवाहित हो रही है. खगड़िया में भी पानी घटने का रुझान बना हुआ है, जिससे आने वाले समय में स्थिति में और सुधार की उम्मीद है.
पटना के गांधी घाट में गंगा का जलस्तर 48.61 मीटर दर्ज हुआ है, जो खतरे के निशान 48.60 मीटर से 0.01 मीटर ऊपर है. गांधी घाट में भी गंगा के जलस्तर में गिरावट का रुझान देखा जा रहा है. स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है.
हाथीदह में गंगा का जलस्तर 41.89 मीटर दर्ज किया गया, जहां खतरे का निशान 41.76 मीटर है. यानी पानी 0.13 मीटर ऊपर है. भागलपुर के कहलगांव में गंगा 31.85 मीटर पर बह रही है, जबकि खतरे का निशान 31.09 मीटर है. इस हिसाब से नदी 0.76 मीटर ऊपर है. हाथीदह और कहलगांव दोनों जगहों पर गंगा के जलस्तर में कमी का रुझान दर्ज किया गया है.
कटिहार के कुरसेला में कोसी नदी का जलस्तर 30.42 मीटर है, जो खतरे के निशान 30 मीटर से 0.42 मीटर ऊपर है. कोसी के जलस्तर को लेकर भी लगातार निगरानी की जा रही है. नदियों में पानी घटने का रुझान कुछ राहत देने वाला है.
बागमती और घाघरा खतरे के निशान पर, अलर्ट जारी
बागमती नदी बेनीबाद में 48.68 मीटर पर बह रही है, जो ठीक खतरे के निशान 48.68 मीटर पर है. वहीं, घाघरा नदी का जलस्तर दरौली में 60.82 मीटर दर्ज किया गया, जहां खतरे का निशान भी 60.82 मीटर है. बागमती और घाघरा दोनों नदियों में जलस्तर घटने का रुझान है, इसके बावजूद प्रशासन और जल संसाधन विभाग को निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं.
जल संसाधन विभाग ने ट्वीट कर जानकारी दी है कि भले ही कई नदियों में पानी घट रहा है, लेकिन सतर्कता बेहद ज़रूरी है.
राज्य की अधिकांश प्रमुख नदियों में जलस्तर घटने से बाढ़ की स्थिति में सुधार के संकेत मिल रहे हैं, लेकिन कई जगहों पर पानी अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बना हुआ है. गंडक, गंगा, बूढ़ी गंडक और कोसी की स्थिति पर विशेष ध्यान रखा जा रहा है. सरकार ने अधिकारियों को लगातार निगरानी करने और जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई के लिए तैयार रहने को कहा है.








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