Darbhanga DMCH: बिहार के दरभंगा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (डीएमसीएच) में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। मंगलवार को अपनी 18 वर्षीय पत्नी का इलाज कराने पहुंचे एक युवक को कथित तौर पर एक जूनियर डॉक्टर ने लात-घूंसों से पीटा। इलाज के लिए बार-बार गुहार लगाने से नाराज डॉक्टर ने युवक की पीठ पर जूतों से वार किया, जिसके निशान साफ दिखाई दे रहे थे। इस घटना के बाद अस्पताल परिसर में भारी हंगामा हुआ और तनाव का माहौल बन गया।
इलाज की गुहार पर डॉक्टर ने पीटा
यह मामला सदर प्रखंड के खरथुआ-बिजली निवासी रवि कुमार से जुड़ा है। रवि अपनी पत्नी फूलो देवी को लेकर डीएमसीएच पहुंचा था। पर्ची कटवाने के बाद रवि अपनी पत्नी के इलाज के लिए कक्ष संख्या चार में मौजूद चिकित्सक से बार-बार आग्रह कर रहा था। रवि का आरोप है कि उसने दो-तीन बार डॉक्टर से अपनी पत्नी को देखने की गुहार लगाई, लेकिन इस बात से नाराज होकर जूनियर डॉक्टर ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। इसी दौरान डॉक्टर ने उसकी पीठ पर लात से वार किया।
मौके पर मौजूद अन्य डॉक्टरों ने बीच-बचाव कर रवि को वहां से हटाया। पीड़ित रवि ने बाद में सर्जरी परिसर में पहुंचकर अपनी पीठ पर पड़े जूते के निशान दिखाए, जिसे देखकर वहां मौजूद मरीजों के परिजन आक्रोशित हो गए।
अस्पताल में आधे घंटे तक हंगामा, पुलिस ने संभाली स्थिति
रवि की आपबीती सुनने के बाद अस्पताल परिसर में मौजूद मरीज के परिजनों और स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई। उनकी नाराजगी डीएमसीएच की व्यवस्था और मरीजों के प्रति डॉक्टरों के व्यवहार को लेकर थी। करीब आधे घंटे तक परिसर में अफरा-तफरी और शोर-शराबे की स्थिति बनी रही।
मामला बढ़ता देख अस्पताल के सुरक्षा निरीक्षक ने आपातकालीन सेवा 112 और बेंता थाना पुलिस को तुरंत सूचना दी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और लोगों को समझाकर भीड़ को हटाया, जिसके बाद स्थिति सामान्य हो पाई। हालांकि, घटना के बाद भी अस्पताल परिसर में काफी देर तक तनाव बना रहा।
डीएमसीएच अधीक्षक ने दिए जांच के आदेश
घटना शांत होने के बाद पीड़ित रवि कुमार ने अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर पूरे मामले की लिखित शिकायत दी। उसने अपनी शिकायत में डॉक्टर पर मारपीट का आरोप लगाया है।
अधीक्षक डॉ. जगदीश चंद्र ने इस गंभीर मामले की जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा, ‘शिकायत के आधार पर पूरे मामले की जांच करायी जा रही है। जांच में आरोप सही पाये जाने पर संबंधित डॉक्टर के विरुद्ध नियमानुसार उचित कार्रवाई की जायेगी।’
यह घटना अस्पतालों में मरीजों और उनके परिजनों के साथ होने वाले व्यवहार पर गंभीर सवाल खड़े करती है। जांच के बाद ही सच्चाई सामने आएगी और दोषी पर कार्रवाई की जाएगी।






