Bihar Weather Alert: मानसून की विदाई से ठीक पहले बिहार में मौसम ने अचानक करवट बदली है। गुरुवार सुबह से राजधानी पटना सहित कई इलाकों में तेज बारिश दर्ज की गई है। पटना में सुबह 5 बजे से ही कई जगहों पर झमाझम बारिश हुई, जिसने लोगों को चौंका दिया। मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य के 26 जिलों के लिए बारिश और वज्रपात का येलो अलर्ट जारी किया है।
इन 26 जिलों में आंधी-बारिश और वज्रपात का खतरा
मौसम विभाग ने आज पटना समेत 26 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में मेघ गर्जन, आकाशीय बिजली गिरने और 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका जताई गई है। लोगों को बेहद सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
अलर्ट वाले जिलों में शामिल हैं:
- पटना
- गया
- नालंदा
- बक्सर
- कैमूर
- रोहतास
- भोजपुर
- अरवल
- औरंगाबाद
- जहानाबाद
- नवादा
- शेखपुरा
- बेगूसराय
- लखीसराय
- मुंगेर
- जमुई
- सुपौल
- सहरसा
- मधेपुरा
- खगड़िया
- अररिया
- किशनगंज
- पूर्णिया
- कटिहार
- भागलपुर
- बांका
इन जिलों में भारी बारिश और वज्रपात की संभावना को देखते हुए खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे शरण लेने से बचने की सलाह दी गई है।
वज्रपात से भोजपुर में किसान की मौत, दो झुलसे
पिछले 24 घंटे में पटना और मुंगेर सहित कई जिलों में तेज बारिश हुई है। इस दौरान कुछ इलाकों में वज्रपात की दुखद घटनाएं भी सामने आई हैं। भोजपुर जिले में ठनका गिरने से एक किसान की मौत हो गई, जबकि एक महिला समेत दो अन्य लोग झुलस गए। मौसम विभाग ने लोगों को बारिश और वज्रपात के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।
9 अक्टूबर तक बारिश, फिर मौसम में सुधार
मौसम विभाग के अनुसार, बिहार में 9 अक्टूबर तक बारिश की संभावना बनी रहेगी। इसके बाद मौसम में धीरे-धीरे सुधार देखा जाएगा। 10 अक्टूबर से राज्य में किसी भी तरह की कोई विशेष मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है। राजधानी पटना में गुरुवार को दिनभर बादल छाए रहने और गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है। इस दौरान अधिकतम तापमान 29 से 30 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24 से 25 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान है।
मानसून वापसी की रेखा सुपौल से गुजर रही
बिहार से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी जारी है। मौसम विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, मानसून की वापसी की रेखा इस समय सुपौल से होकर गुजर रही है। यह रेखा आगे झारखंड के रांची, छत्तीसगढ़ के रायपुर, महाराष्ट्र के ब्रह्मपुरी, परभणी और बारामती से होते हुए बढ़ रही है। हालांकि, दूसरे मौसमी सिस्टमों के सक्रिय होने के कारण अभी भी राज्य में बारिश का दौर जारी है। मध्य और ऊपरी वायुमंडल में पश्चिमी विक्षोभ का असर दिख रहा है, वहीं झारखंड और आसपास के इलाकों में ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण भी सक्रिय है। इसके अतिरिक्त, उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश से बंगाल की खाड़ी तक एक ट्रफ लाइन भी बनी हुई है, जिसके कारण बिहार में बादल छाए हुए हैं और कई जगहों पर बारिश, गरज-चमक और तेज हवा की स्थिति बन रही है।
स्थानीय स्तर पर हल्की बारिश की संभावना
हालांकि 10 अक्टूबर से राज्य में बड़ी मौसम चेतावनी नहीं है, लेकिन स्थानीय स्तर पर कहीं-कहीं बादल छाए रहने और हल्की बारिश की संभावना बनी रह सकती है। मानसून की पूर्ण वापसी के साथ बिहार में मौसम धीरे-धीरे सामान्य होने की उम्मीद है।







