Bihar Firecracker Tax Raid: बिहार में वाणिज्य कर विभाग ने कर चोरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। गया और औरंगाबाद जिलों में पटाखा प्रतिष्ठानों पर की गई छापेमारी के दौरान करीब 7.34 करोड़ रुपये का सामान बिना वैध कागजात के जब्त किया गया है। मगध प्रमंडल के राज्य कर अपर आयुक्त (प्रशासन) मोहन कुमार ने इस कार्रवाई की जानकारी दी, जिससे राज्य में टैक्स चोरी करने वालों के बीच खलबली मच गई है।
वाणिज्य कर विभाग की यह मुहिम आठ अक्टूबर को शुरू हुई थी और शुक्रवार तक जारी रही। इस दौरान टीम ने प्रतिष्ठानों में रखे सामान के स्टॉक, खरीद-बिक्री के बिल और अन्य आवश्यक कागजातों की गहनता से जांच की। जांच में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं, जिसके बाद यह बड़ी जब्ती की गई।
गया और औरंगाबाद में तीन बड़े प्रतिष्ठान निशाने पर
गुरुवार दोपहर बाद राज्य कर अपर आयुक्त (प्रशासन) मोहन कुमार के नेतृत्व में तीन अलग-अलग प्रतिष्ठानों पर छापेमारी शुरू हुई। इनमें गया शहर के दो और औरंगाबाद का एक बड़ा प्रतिष्ठान शामिल था। विभाग को इन प्रतिष्ठानों द्वारा सही और समय पर रिटर्न दाखिल न करने की शिकायतें मिली थीं, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।
- शारदा लाइट हाउस, केपी रोड, गया: इस प्रतिष्ठान से 1.72 करोड़ रुपये का सामान जब्त किया गया।
- नाजो पटाखा, डॉ. वजीर अली रोड, कंडी नवादा गोदाम, गया: यहां से लगभग 1 करोड़ रुपये का सामान जब्त हुआ।
- गोस्वामी फायर वर्क्स, औरंगाबाद: इस प्रतिष्ठान से सर्वाधिक 4.62 करोड़ रुपये का सामान जब्त किया गया।
छापेमारी के दौरान स्टॉक, खरीद-बिक्री और टैक्स भुगतान की स्थिति की पड़ताल की गई। बिहार सरकार के राज्य कर आयुक्त सह सचिव संजय सिंह के निर्देश पर यह अभियान चलाया गया, जिसमें विभाग को बड़ी सफलता मिली।
कागजात प्रस्तुत करने के लिए दो दिन का अल्टीमेटम
वाणिज्य कर विभाग ने जब्त किए गए सामान के प्रोपराइटरों को दो दिनों के भीतर सभी संबंधित कागजात प्रस्तुत करने का समय दिया है। मोहन कुमार ने स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित अवधि में कागजात प्रस्तुत नहीं किए जाते हैं, तो जब्त सामान के मूल्य के आधार पर कर का निर्धारण किया जाएगा। इसके साथ ही, संबंधित प्रतिष्ठानों से जुर्माने सहित पूरी राशि की वसूली भी की जाएगी। इस कार्रवाई से यह संदेश साफ है कि बिहार सरकार टैक्स चोरी के मामलों में अब कोई ढिलाई नहीं बरतेगी।







