Darbhanga Bail Rejected: गंभीर अपराधों में संलिप्त आरोपियों को दरभंगा जिला अदालत से कोई राहत नहीं मिली है। जानलेवा हमला, आर्म्स एक्ट, धोखाधड़ी और दहेज उत्पीड़न जैसे विभिन्न मामलों में फंसे पांच आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी गई हैं। अदालत के इस कड़े रुख से अपराधियों में एक स्पष्ट संदेश गया है कि न्यायपालिका गंभीर अपराधों को लेकर कोई नरमी नहीं बरतेगी।
प्रभारी सत्र न्यायाधीश नीरज कुमार की अदालत ने जानलेवा हमला के आरोप में दर्ज सोनकी प्राथमिकी संख्या 134/25 के आरोपी चंदन सहनी की पत्नी भारती देवी की अग्रिम जमानत याचिका नामंजूर कर दी। इसी तरह, आर्म्स ऐक्ट और प्राणलेवा हमला के आरोप में मब्बी थाना प्राथमिकी संख्या 108/26 में काराधीन अभियुक्त मनीष कुमार महतो की नियमित जमानत भी एडीजे भुपेन्द्र सिंह ने खारिज कर दी है।
जानलेवा हमला और आर्म्स एक्ट के आरोपियों को झटका
लोक अभियोजक अमरेंद्र नारायण झा ने इन फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि अदालत ने आरोपियों को जमानत देने से इनकार कर दिया है। जिला न्यायालय का यह कदम समाज में कानून व्यवस्था बनाए रखने के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। आरोपियों के पास अब निचली अदालतों में आत्मसमर्पण करने या पटना हाईकोर्ट में अपील दायर करने का ही विकल्प बचा है।
धोखाधड़ी और दहेज उत्पीड़न के मामलों में भी राहत नहीं
जालसाजी कर रुपया गबन करने के आरोप में दर्ज सिमरी थाना प्राथमिकी संख्या 87/24 की आरोपी शोभा देवी की अग्रिम जमानत याचिका को एडीजे उपेंद्र कुमार ने खारिज कर दिया। इसके अतिरिक्त, पिस्टल के वट से मारकर सिर फाड़ देने के आरोप में बेंता थाना प्राथमिकी संख्या 151/26 के आरोपी राज कुमार सहनी और दहेज के लिए पत्नी को प्रताड़ित करने के मामले में आरोपी पति संतोष मेहतर का अग्रिम जमानत आवेदन भी एडीजे आदिदेव की अदालत ने नामंजूर कर दिया।
लोक अभियोजक अमरेंद्र नारायण झा ने स्पष्ट किया, ‘अब आरोपियों को जमानत पाने के लिए या तो संबंधित न्यायालय में आत्मसमर्पण करना होगा अथवा पटना हाईकोर्ट में अर्जी लगानी पड़ेगी।’
इन फैसलों से यह साफ है कि दरभंगा की न्यायिक प्रणाली गंभीर अपराधों पर सख्त कार्रवाई करने में संकोच नहीं कर रही है। आरोपियों को अब उच्च न्यायालय से ही न्याय की उम्मीद करनी होगी या उन्हें कानून के समक्ष आत्मसमर्पण करना पड़ेगा।






