Araria Police Action: बिहार में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और पुलिसिंग में जवाबदेही तय करने के लिए अररिया पुलिस प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। पुलिसिंग में लापरवाही और अनुशासनहीनता के गंभीर आरोपों के बाद दो थानेदारों को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया गया है। अररिया एसपी जितेंद्र कुमार की अनुशंसा पर पूर्णिया रेंज के आईजी विवेकानंद कुमार ने यह सख्त कार्रवाई की है। जिन दो थानाध्यक्षों पर गाज गिरी है, उनमें भरगामा और घूरना थाना के प्रभारी शामिल हैं।
इस कार्रवाई के साथ ही दोनों थानाध्यक्षों के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। यह घटना पुलिस महकमे में एक कड़ा संदेश है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही और दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
भरगामा थानेदार पर क्यों गिरी गाज?
भरगामा थानाध्यक्ष राजेश कुमार पर अवैध पटाखा निर्माण और उसकी सप्लाई के मामले में गंभीर लापरवाही का आरोप लगा है। जानकारी के अनुसार, भरगामा थाना क्षेत्र में पुलिस स्टेशन से महज पांच सौ मीटर की दूरी पर अवैध रूप से पटाखों का निर्माण और कारोबार चल रहा था। हाल ही में इसी स्थान पर हुए एक भीषण विस्फोट में तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी।
इस घटना की जांच में थानाध्यक्ष राजेश कुमार की घोर लापरवाही सामने आई। इसके बाद अररिया एसपी ने तुरंत कार्रवाई की अनुशंसा पूर्णिया रेंज के आईजी से की, जिस पर मुहर लग गई।
घूरना थानाध्यक्ष पर अनुशासनहीनता का आरोप
दूसरी ओर, घूरना थानाध्यक्ष पर अनुशासनहीनता का आरोप लगा है। एक वायरल ऑडियो में आपत्तिजनक भाषा के इस्तेमाल की बात सामने आई थी, जिससे पुलिस विभाग की छवि धूमिल हुई। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए घूरना थानाध्यक्ष को भी लाइन हाजिर कर दिया गया है। जांच पूरी होने तक उन्हें पुलिस केंद्र में तैनात किया गया है।
एसपी जितेंद्र कुमार ने इस संबंध में स्पष्ट किया है कि, “लापरवाही, भ्रष्टाचार और दुर्व्यवहार किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़े मामलों में हर स्तर पर जिम्मेदारी तय की जाएगी।”
इस कार्रवाई के बाद अब दोनों थानों में जल्द ही नए थानेदारों की तैनाती की जाएगी, ताकि पुलिसिंग व्यवस्था सुचारू रूप से चल सके और आम जनता को किसी प्रकार की परेशानी न हो। यह घटना बिहार पुलिस की जीरो टॉलरेंस नीति को दर्शाती है।







