Bihar Police Corruption: किशनगंज जिले में पशु तस्करों के साथ मिलीभगत कर अवैध वसूली करने और मवेशियों से लदे ट्रकों को छोड़ने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। इस मामले में एसपी संतोष कुमार ने बड़ी कार्रवाई की है, जिससे बिहार पुलिस में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश गया है। किशनगंज पुलिस की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, पाठामारी थाना के तत्कालीन निलंबित थानाध्यक्ष गंगा प्रसाद गुप्ता, सहायक अवर निरीक्षक सुनील कुमार और चालक सिपाही पवन कुमार के खिलाफ ठाकुरगंज थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
इन पुलिसकर्मियों के अलावा, पशु तस्करों, लाइनरों और अन्य एंट्री माफियाओं को भी इस मामले में नामजद किया गया है। पुलिस गहनता से छानबीन में जुटी है, क्योंकि आरोप लगने के बाद ही इन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया था।
पुलिसकर्मियों पर अवैध वसूली का आरोप
यह पूरा मामला 17/18 अगस्त की रात का है। एसपी संतोष कुमार को गोपनीय जानकारी मिली थी कि तत्कालीन पाठामारी थानाध्यक्ष गंगा प्रसाद गुप्ता और दो अन्य पुलिसकर्मी ठाकुरगंज थाना क्षेत्र के टोल प्लाजा के पास पशु तस्करों और एंट्री माफियाओं के साथ साठगांठ कर अवैध वसूली कर रहे हैं। इन पुलिसकर्मियों ने तस्करों से पैसे लेकर मवेशियों से भरे ट्रक को छोड़ दिया था। यह जानकारी जब वरीय अधिकारियों तक पहुंची, तो विभाग में खलबली मच गई। इस गोरखधंधे में शामिल पुलिसकर्मी तुरंत तनाव में आ गए। एसपी ने तत्काल आरोपों की जांच के आदेश दिए।
जांच में आरोप सही पाए गए, SP ने लिया एक्शन
इस मामले की जांच अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी टू मनोज कुमार सिंह, किशनगंज द्वारा की गई थी। जांच रिपोर्ट में इन तीनों पुलिसकर्मियों की संदिग्ध गतिविधियों, लापरवाही और भ्रष्ट आचरण में संलिप्तता स्पष्ट रूप से सामने आई। इसी जांच प्रतिवेदन के आधार पर एसपी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इन तीनों को 22 सितंबर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था। इसके बाद उनके खिलाफ पशु तस्करों के साथ नामजद एफआईआर दर्ज कर छानबीन का आदेश एसपी ने जारी किया। एसपी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करके मीडिया को भी इस बड़ी कार्रवाई की जानकारी दी।
एसपी संतोष कुमार ने कहा, “कर्तव्य के निर्वहन में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनियमितता अथवा भ्रष्ट आचरण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी पुलिस कर्मियों को निर्देश दिया कि गैरकानूनी काम करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करें। उन्हें कभी प्रोत्साहन नहीं दें।”
गौरतलब है कि सीमांचल के किशनगंज जिले से बड़ी संख्या में पशुओं की तस्करी बांग्लादेश में होती है। भारतीय पशुओं की पड़ोसी देश में अच्छी कीमत मिल जाती है। झारखंड के रास्ते भी बांग्लादेश तक पशुओं की तस्करी की जाती है। एसपी की इस कार्रवाई से पशु तस्करी के खिलाफ अभियान को बल मिलने की उम्मीद है।






