Energy Ceasefire: पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने रूस और यूक्रेन के बीच एक महत्वपूर्ण ‘एनर्जी सीजफायर’ (ऊर्जा युद्धविराम) के तत्काल प्रभाव से लागू होने का दावा किया है। उन्होंने रविवार को यह घोषणा करते हुए कहा कि दोनों देश इस समझौते पर सहमत हो गए हैं। ट्रंप, जो इन दोनों यूरोपीय देशों के बीच जारी युद्ध को समाप्त करने के प्रयासों में सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं, ने अपने ‘ट्रुथ सोशल’ प्लेटफॉर्म पर इसकी जानकारी दी।
यह दावा ऐसे समय में सामने आया है जब यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने एक दिन पहले ही 60 दिनों के पूर्ण युद्धविराम की मांग की थी। ट्रंप का यह ऐलान वैश्विक स्तर पर शांति बहाली की दिशा में एक बड़ी खबर मानी जा रही है, हालांकि इसकी पुष्टि अन्य स्रोतों से होना अभी बाकी है।
ट्रंप का बड़ा ऐलान: तत्काल प्रभाव से ‘एनर्जी सीजफायर’
डोनल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में स्पष्ट रूप से कहा कि रूस और यूक्रेन अब ‘एनर्जी सीजफायर’ पर राजी हो गए हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह समझौता तुरंत प्रभाव से लागू हो गया है, जिसका अर्थ है कि ऊर्जा से संबंधित किसी भी सैन्य गतिविधि पर तत्काल रोक लग जाएगी। ट्रंप लंबे समय से रूस-यूक्रेन संघर्ष को खत्म करने के लिए मध्यस्थता की पेशकश करते रहे हैं।
ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में घोषणा की, ‘तुरंत प्रभाव से रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध में एनर्जी सीजफायर लागू हो गया है। दोनों देश इसे न तोड़ें।’
उनके इस दावे से अंतरराष्ट्रीय समुदाय में हलचल मच गई है, क्योंकि यह सीधे तौर पर युद्ध के एक महत्वपूर्ण पहलू को प्रभावित करता है।
जेलेंस्की की मांग और ट्रंप की कोशिशें
ट्रंप के ‘एनर्जी सीजफायर’ के दावे से एक दिन पहले, यूक्रेन के नए राष्ट्रपति की मांग करने के बाद जेलेंस्की ने 60 दिन के पूर्ण युद्धविराम की मांग की थी। जेलेंस्की का यह प्रस्ताव एक व्यापक संघर्ष विराम की ओर इशारा करता था, जबकि ट्रंप का दावा विशेष रूप से ‘ऊर्जा’ क्षेत्र से संबंधित है। ट्रंप का यह कदम दिखाता है कि वे युद्ध समाप्ति के लिए अपनी ओर से लगातार प्रयास कर रहे हैं। इस ‘एनर्जी सीजफायर’ का वास्तविक प्रभाव क्या होगा और क्या यह पूर्ण युद्धविराम की दिशा में पहला कदम साबित होगा, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।







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