Bihar Bridge Collapse: बिहार के पूर्वी चंपारण जिले से एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है. शिकारगंज थाना क्षेत्र के भागवतपुर भलुअहिया गांव में ब्रिटिश हुकूमत के दौर का एक पुराना पुल अचानक भरभरा कर गिर गया. कछुआ नदी पर बने इस ऐतिहासिक पुल के मलबे में दबने से 13 वर्षीय छात्र छोटू कुमार की मौके पर ही मौत हो गई. इस हादसे में चार अन्य बच्चे भी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं.
यह घटना उस वक्त हुई जब छोटू कुमार (13 वर्ष), जो शंभू महतो का पुत्र था, अपने साथियों गोपाल महतो (13), राजा कुमार (8), मनीष कुमार (9) और शंकर कुमार (10) के साथ सरेह में पशुओं के लिए घास काटने गया था. घास काटने के बाद, सभी बच्चे कौतूहलवश कछुआ नदी पर बने इस जर्जर और पुराने पुल पर मस्ती कर रहे थे. इसी दौरान अचानक पुल का एक बड़ा हिस्सा टूटकर गिर गया, जिससे सभी बच्चे मलबे के नीचे दब गए.
हादसे में घायल हुए अधिकारी भी
हादसे की सूचना मिलते ही ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू अभियान चलाकर सभी घायलों को बाहर निकाला. परिजनों की मदद से घायलों को तत्काल ढाका रेफरल हॉस्पिटल पहुंचाया गया, जहां से उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें मोतिहारी सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया. मृतक छोटू कुमार राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय में पांचवीं कक्षा का छात्र था, जिसके परिवार में कोहराम मचा हुआ है और पूरे गांव में मातम पसरा है.
घटना की जानकारी मिलने के बाद रूपहरा पंचायत के मुखिया मनीष कुमार सिंह उर्फ भुलावन सिंह, पंचायत समिति सदस्य अनुराग कुमार और शिकारगंज थानाध्यक्ष गोपाल कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. ये सभी अधिकारी और जनप्रतिनिधि पुल के बचे हुए दूसरे स्लैब पर खड़े होकर नुकसान का जायजा ले रहे थे. तभी अचानक पुल का दूसरा हिस्सा भी धंस गया, जिससे थानाध्यक्ष, मुखिया, पंसस और एक ग्रामीण राकेश महतो मलबे की चपेट में आ गए.
मुखिया मनीष कुमार ने बताया कि यह महज एक संयोग था कि स्लैब टूटने के बाद कुछ सेकंड तक पानी के ऊपर ही रुका रहा. मौके पर मौजूद स्थानीय ग्रामीणों ने अत्यधिक सूझबूझ और तत्परता दिखाते हुए तुरंत पानी में छलांग लगाई और स्लैब के पूरी तरह शरीर पर आने से पहले सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया. इस दूसरी घटना में थानाध्यक्ष, मुखिया, पंसस और ग्रामीण राकेश महतो को हल्की चोटें आईं और शरीर पर कई जगहों पर खरोंचें लगीं.
लापरवाही या संयोग? जांच और मुआवजे की मांग तेज
इस हादसे की सूचना मिलते ही अंचल अधिकारी (CO) सौरभ सुमन, राजस्व अधिकारी श्रीनिवास प्रसाद और राजस्व कर्मचारी संतोष यादव मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया. पुलिस ने मृतक बच्चे के शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.
शिकारगंज थानाध्यक्ष गोपाल कुमार ने बताया, ‘यह पुल माई स्थान से पूरब सरेह में स्थित है, जहां तक आने-जाने का कोई पक्का रास्ता नहीं है। ग्रामीणों ने पुल तक जाने वाली सड़क को काटकर अपने खेतों में मिला लिया है, जिसके कारण यह पुल नदी पर बिना एप्रोच रोड के खड़ा था।’
घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों, मुखिया और पंसस ने सरकार से मृतक के आश्रितों को उचित मुआवजा और सरकारी नौकरी देने की मांग की है. प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है, लेकिन इस घटना ने पुराने और जर्जर ढांचों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.







