Motihari Temple Theft: बिहार के मोतिहारी शहर में एक बड़ी चोरी की घटना सामने आई है। मिस्कॉट मोहल्ले स्थित प्रसिद्ध साईं बाबा मंदिर को चोरों ने निशाना बनाया है। इस वारदात में चोरों ने मंदिर का ताला काटकर अंदर प्रवेश किया और भगवान गणेश का मुकुट चुराकर फरार हो गए। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों और साईं भक्तों में भारी आक्रोश है।
अब भगवान का मंदिर भी चोरों के निशाने पर !
मिस्कॉट स्थित प्रसिद्ध साईं बाबा मंदिर का ताला काटकर चोर चांदी की छतरी और भगवान गणेश का मुकुट चुरा ले गए। मौके पर डॉग स्क्वाड और FSL टीम ने जांच की। मंदिर का CCTV करीब डेढ़ महीने से खराब था। मामले में नगर थाना की गश्ती पार्टी को निलंबित कर दिया गया है।
पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि चोरी के वक्त मंदिर के पुजारी अंदर सो रहे थे, लेकिन उन्हें इसकी भनक तक नहीं लगी। मंदिर का सीसीटीवी कैमरा भी करीब डेढ़ महीने से खराब पड़ा था, जिससे जांच में बाधा आ रही है। हालांकि, पुलिस अब आसपास लगे कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर थाना की गश्ती पार्टी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। डॉग स्क्वाड और फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की टीम भी जांच में जुट गई है।
गणेश जी का मुकुट चोरी, अन्य सामान सुरक्षित
चोरों ने मंदिर के मुख्य ताले को काटा और वारदात को अंजाम दिया। घटनास्थल से ताला काटने में इस्तेमाल की गई लोहे की खंती भी बरामद हुई है, जिसे पुलिस ने महत्वपूर्ण साक्ष्य माना है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, चोरों ने केवल भगवान गणेश का मुकुट चुराया है। पुलिस अधीक्षक के मुताबिक, साईं बाबा की चांदी की छतरी, दानपेटी और चरण पादुका सुरक्षित पाई गई हैं। पुलिस चोरी गए सामान की सूची तैयार करने के साथ ही घटनास्थल से मिले सभी साक्ष्यों की बारीकी से जांच कर रही है।
पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने कहा, ‘मंदिर के पुजारी अंदर ही सो रहे थे। उन्हें चोरी की जानकारी नहीं हो सकी। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, चोर ताला काटकर मंदिर में दाखिल हुए थे।’
मंदिर की सुरक्षा पर गंभीर सवाल
इस घटना ने मंदिरों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों के बीच चर्चा है कि पुजारी के मंदिर के भीतर मौजूद होने के बावजूद चोर इतनी आसानी से वारदात को अंजाम देकर निकल गए।
डेढ़ महीने से खराब पड़े सीसीटीवी कैमरे को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि अगर कैमरा चालू होता तो संदिग्धों की पहचान में काफी मदद मिल सकती थी।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि चोरी किस समय हुई और इसमें कितने लोग शामिल थे। आसपास के प्रतिष्ठानों और घरों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर चोरों के आने-जाने के रास्ते और उनकी गतिविधियों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। पुलिस ने मंदिर परिसर का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए हैं और जल्द ही चोरों को पकड़ने का दावा किया है।








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