बिग ब्रेकिंग Madhubani News मधुबनी के मंदिर से गायब हुईं सदियों पुरानी गुप्तकाल की विष्णु और दुर्गा प्रतिमाएं! हड़कंप, जानिए पूरा मामला
Madhubani News: मधुबनी जिले के देवहार गांव स्थित ऐतिहासिक मुक्तेश्वर महादेव मंदिर से तीन प्राचीन पुरावशेषों के गायब होने की सनसनीखेज खबर सामने आई है। इस घटना से स्थानीय लोगों और कला प्रेमियों में गहरा आक्रोश है। प्रशासन पर इन अमूल्य धरोहरों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
मंदिर से गायब हुई प्रतिमाओं में गुप्तकाल की एक बेहद दुर्लभ विष्णु प्रतिमा, 12वीं-13वीं शताब्दी की महिषासुरमर्दिनी दुर्गा प्रतिमा और विष्णु प्रतिमा की पादपीठ शामिल हैं। ये सभी पुरावशेष भारतीय इतिहास और संस्कृति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माने जाते हैं। इनकी चोरी से बिहार की समृद्ध विरासत को बड़ा नुकसान पहुंचा है।
मंदिर से कौन सी अमूल्य प्रतिमाएं गायब हुईं?
देवहार गांव के मुक्तेश्वर महादेव मंदिर से जिन तीन बेशकीमती पुरावशेषों को चुराया गया है, उनमें गुप्तकाल की एक अद्वितीय विष्णु प्रतिमा प्रमुख है। इसके साथ ही, 12वीं-13वीं शताब्दी के कालखंड की एक महिषासुरमर्दिनी दुर्गा प्रतिमा भी गायब हो गई है। चोरों ने विष्णु प्रतिमा के आधार यानी पादपीठ को भी नहीं छोड़ा। इन मूर्तियों का ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व बहुत अधिक है, जो इन्हें और भी अनमोल बनाता है।
इंटैक ने की तत्काल कार्रवाई की मांग
इंडियन नेशनल ट्रस्ट फॉर आर्ट एंड कल्चरल हेरिटेज (इंटैक), बिहार के को-कन्वेनर डॉ. शिव कुमार मिश्र ने इस गंभीर मामले पर तत्काल संज्ञान लेने की मांग की है। उन्होंने मधुबनी के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर दोषियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और सख्त कार्रवाई करने की अपील की है। डॉ. मिश्र ने जोर दिया है कि इन पुरावशेषों की बरामदगी और चोरों की गिरफ्तारी प्राथमिकता होनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
“मधुबनी के मुक्तेश्वर महादेव मंदिर से अमूल्य पुरावशेषों का गायब होना हमारी सांस्कृतिक विरासत पर सीधा हमला है। हमने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है ताकि इन धरोहरों को वापस लाया जा सके।”
इस घटना ने प्राचीन मंदिरों और ऐतिहासिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नई बहस छेड़ दी है। स्थानीय प्रशासन को अब इन दुर्लभ मूर्तियों की तलाश और अपराधियों को पकड़ने के लिए त्वरित कदम उठाने होंगे ताकि बिहार की गौरवशाली विरासत को बचाया जा सके।








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