Bihar Weather Alert: बिहार में अगले कुछ दिनों के भीतर मौसम में बड़ा बदलाव आने वाला है। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय निम्न दबाव का क्षेत्र अब चक्रवाती तूफान में तब्दील होने की आशंका है, जिसके चलते राज्यभर में भारी बारिश और तेज हवाओं का दौर शुरू हो सकता है। मौसम विज्ञान केंद्र पटना ने 28 अक्टूबर से 1 नवंबर के बीच प्रदेश के कई हिस्सों में मेघ गर्जन, वज्रपात और मूसलाधार वर्षा की चेतावनी जारी की है। कुछ स्थानों पर तो भारी से अति भारी बारिश की भी संभावना जताई गई है।
इस दौरान हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। किसानों को अपनी कटी हुई फसलें सुरक्षित स्थानों पर रखने की सलाह दी गई है। खराब मौसम को देखते हुए आम जनमानस को भी सावधानी बरतने की अपील की गई है। बंगाल की खाड़ी में बना यह मौसमी सिस्टम बिहार के मौसम पर सीधा असर डालेगा। बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पूर्वी और इससे सटे पूर्व-मध्य हिस्से में निम्न दबाव का क्षेत्र सक्रिय है। शनिवार शाम तक इसके अवदाब में, फिर अगले दिन गहरे अवदाब में तब्दील होने के आसार हैं। यह मौसमी प्रणाली उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ सकती है, और इसके बाद इसके चक्रवाती तूफान में बदलने की प्रबल संभावना है।
मौसम विभाग की चेतावनी: भारी वर्षा और तेज हवाएँ
इस मौसमी सिस्टम का प्रारंभिक असर सीमांचल और कोसी क्षेत्र में दिख सकता है। 27 और 28 अक्टूबर को सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, मधेपुरा और सहरसा के कुछ हिस्सों में हल्की बूंदाबांदी होने की संभावना है। 28 अक्टूबर के बाद पटना सहित पूरे बिहार में बिहार में बारिश का दौर तेज हो सकता है। कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश होने का अनुमान है, और कुछ स्थानों पर तेज हवा चलने की भी आशंका है।
मौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार, 28 अक्टूबर से 1 नवंबर के बीच प्रदेश के कई हिस्सों में मेघ गर्जन, वज्रपात और भारी वर्षा होने की आशंका है। कुछ स्थानों पर भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी भी दी गई है। इस दौरान हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
किसानों के लिए खास सलाह और तापमान का हाल
फिलहाल, अगले 24 घंटों के लिए बिहार में मौसम सामान्यतः शुष्क रहने की उम्मीद है। सुबह-शाम हल्की ठंडक रहेगी, जबकि दिन में धूप खिलने से गर्मी का अहसास बना रहेगा। तापमान में उतार-चढ़ाव का यह दौर अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में बारिश की गतिविधियां बढ़ने से पहले देखने को मिल रहा है।
शुक्रवार को पटना और सिवान में हवा की गति 19 किलोमीटर प्रति घंटा रिकॉर्ड की गई। वहीं, राज्य के 22 जिलों में अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज हुई। राजधानी पटना का अधिकतम तापमान 31.9 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि 35.4 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ कैमूर प्रदेश का सर्वाधिक गर्म जिला रहा। रात के तापमान में भी जिलों के बीच अंतर देखने को मिला। डेहरी में न्यूनतम तापमान 16.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जो पूरे राज्य में सबसे कम था। हालांकि, कटिहार, डेहरी, फारबिसगंज और मोतिहारी में न्यूनतम तापमान में मामूली वृद्धि भी दर्ज की गई है।
यह मौसमी बदलाव आगामी दिनों में जनजीवन को प्रभावित कर सकता है, इसलिए सभी को सतर्क रहने की आवश्यकता है।







