Jale News: बिहार के जाले प्रखंड में एक गरीब मजदूर परिवार पर शनिवार को अचानक आफत टूट पड़ी। गररी पंचायत के वार्ड तीन स्थित सैदराबाद टोला निवासी हरि बैठा का घर भीषण आग की चपेट में आ गया, जिससे घर में रखा सारा सामान जलकर राख हो गया। जब यह घटना हुई, उस समय हरि बैठा मजदूरी करने गया था और घर पर उसकी पत्नी शांति देवी अकेली मौजूद थी।
स्थानीय ग्रामीणों ने अपनी सूझबूझ और सहयोग से आग पर काबू पाया। ग्रामीणों ने बताया कि आग की लपटें इतनी तेज थीं कि जब तक अग्निशमन कर्मी मौके पर पहुंचते, घर का राशन, कपड़े, चौकी, बिछावन समेत अन्य घरेलू सामान पूरी तरह जल चुका था। आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है।
आग से सबकुछ राख, क्यों नहीं पहुंची फायर ब्रिगेड?
इस हृदय विदारक घटना के बाद एक गंभीर सवाल उठ रहा है कि आखिर अग्निशमन वाहन समय पर क्यों नहीं पहुंच पाया। जानकारी के अनुसार, जाले थाने में पिछले कई दिनों से अग्निशमन वाहन उपलब्ध नहीं है। इसी वजह से पीड़ित परिवार को अग्निशमन सेवा का लाभ नहीं मिल सका। इस लापरवाही के कारण एक गरीब परिवार का सब कुछ तबाह हो गया।
प्रशासनिक अमला पहुंचा, लेकिन क्या होगा पीड़ित परिवार का?
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी हरकत में आए। अंचलाधिकारी (सीओ) मधुमिता कुमारी और डायल 112 के पुलिसकर्मी के साथ एसआई मिथिलेश यादव तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना। जदयू नेता वली इमाम बेग चमचम ने भी घटना की जानकारी दी। अब देखना यह है कि प्रशासन इस बेघर हुए परिवार को कितनी जल्दी और क्या सहायता उपलब्ध करा पाता है।
यह घटना स्थानीय स्तर पर सरकारी सेवाओं की कमी और उसके आम आदमी पर पड़ने वाले सीधे प्रभाव को उजागर करती है। पीड़ित परिवार को तत्काल राहत और पुनर्वास की सख्त आवश्यकता है, ताकि वे इस मुश्किल घड़ी से उबर सकें।







