Bihar Industrial Development: राज्य में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार देने की तैयारी पूरी हो चुकी है। बिहार सरकार ने 25 जिलों में 14,600 एकड़ भूमि पर 28 नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस बड़े कदम से लाखों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह ने बताया कि इन परियोजनाओं से 68,807 से अधिक नए रोजगार सृजित होने की संभावना है।
गया में बिहार इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग सिटी का शुभारंभ
गया जी के डोभी प्रखंड में लगभग 1670 एकड़ भूमि पर ‘बिहार इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग सिटी’ विकसित की जा रही है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत भूमि आवंटन प्रक्रिया का शुभारंभ 24 अक्टूबर को बोधगया स्थित आइटीसी-वेलकम होटल में होगा। उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह ने जानकारी दी कि वर्ष 2025 से अब तक बिहार को 1,21,863 करोड़ रुपये के 1091 निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जो औद्योगिक परिदृश्य में एक बड़े बदलाव का संकेत है।
औद्योगिक क्षेत्रों का विस्तार और आधारभूत संरचना
राज्य में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए भूमि और आधारभूत संरचना के विकास पर विशेष जोर दिया जा रहा है। बियाडा (BIADA) ने वित्तीय वर्ष 2025-26 से अब तक 521 औद्योगिक इकाइयों को 727 एकड़ भूमि आवंटित की है। इसके अतिरिक्त, 25 जिलों के 28 स्थानों पर नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने के लिए 14,600 एकड़ भूमि के अधिग्रहण का काम तेजी से चल रहा है। मौजूदा 94 औद्योगिक क्षेत्रों में 32 लाख वर्ग फुट का प्लग-एंड-प्ले इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध है, जो उद्योगों को तत्काल उत्पादन शुरू करने की सुविधा प्रदान करता है।
विशेष क्लस्टर और लॉजिस्टिक्स पार्क
औद्योगिक विकास के तहत कई विशेष क्लस्टरों और लॉजिस्टिक्स पार्कों पर भी काम जारी है। मुजफ्फरपुर में 143 एकड़ में एक मेगा फूड पार्क और मोतीपुर में 62 एकड़ में लेदर एवं फुटवियर क्लस्टर विकसित किया जा रहा है। इसके अलावा, फतुहा में मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क, झंझारपुर में ग्रीन इंडस्ट्रियल एरिया और नवानगर व कुमारबाग में विशेष आर्थिक क्षेत्र से जुड़ा काम प्रगति पर है। बिहार सेमीकंडक्टर नीति 2026 के तहत पटना में 171 करोड़ रुपये की लागत से 15 एकड़ में अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी केंद्र स्थापित करने की भी योजना है।
उद्यमियों और स्टार्टअप को रिकॉर्ड सहायता
राज्य सरकार उद्योग और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत 47,075 लाभार्थियों को 3,414 करोड़ रुपये की सहायता दी गई है। बिहार लघु उद्यमी योजना ने 71,740 लाभार्थियों को 581 करोड़ रुपये प्रदान किए हैं। ‘स्टार्टअप बिहार’ पहल के तहत 1,762 स्टार्टअप पंजीकृत किए गए हैं और उन्हें 103 करोड़ रुपये की राशि वितरित की गई है। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत 1.62 लाख कारीगरों का पंजीकरण हुआ है, जिनमें से 24 हजार से अधिक को ऋण दिया गया है।
सिंगल विंडो व्यवस्था और नीतियां
निवेशकों के लिए प्रक्रियाओं को सरल बनाने के उद्देश्य से ‘सिंगल विंडो क्लीयरेंस पोर्टल’ पर नौ विभागों की 62 सेवाएं उपलब्ध कराई गई हैं। बिहार एमएसएमई नीति 2026 और औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज 2025 के तहत पात्र निवेशकों को मुफ्त भूमि उपलब्ध कराने का प्रावधान है। इन सभी पहलों का मुख्य उद्देश्य राज्य में औद्योगिक इकाइयों की स्थापना को आसान बनाना, बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित करना और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसरों में वृद्धि करना है।







