Bihar ITI Admission: केंद्र सरकार ने बिहार के 54 निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में इस वर्ष नामांकन पर रोक लगा दी है। इस महत्वपूर्ण निर्णय से कुल 4,523 सीटों पर छात्रों का दाखिला नहीं हो पाएगा, जिससे हजारों युवाओं के प्रशिक्षण और भविष्य पर सीधा असर पड़ेगा। यह कार्रवाई शिक्षकों की जानकारी संबंधित पोर्टल पर अपलोड न करने के कारण की गई है।
केंद्रीय कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय के प्रशिक्षण महानिदेशालय (डीजीटी) ने इन संस्थानों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। पहले इन संस्थानों पर भारी जुर्माना भी लगाया गया था, और मामला कोर्ट में चला गया था, जिसमें सरकार के पक्ष में फैसला आया। निर्देशों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों को दिसंबर तक पोर्टल पर शिक्षकों की जानकारी अपलोड करने का अंतिम अवसर दिया गया है, लेकिन इसके लिए उन्हें प्रति यूनिट (ट्रेड) डेढ़ लाख रुपये तक का जुर्माना भरना होगा। हालांकि, जुर्माना भरने और जानकारी अपलोड करने के बावजूद, नामांकन की निर्धारित तिथि समाप्त होने के कारण इन हजारों सीटों पर इस वर्ष कोई दाखिला नहीं हो पाएगा।
शिक्षकों की जानकारी न देना पड़ा महंगा
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, डीजीटी ने सभी निजी आईटीआई को 16 मई तक अपने शिक्षकों की पूरी जानकारी एसआईडीएच पोर्टल पर अपलोड करने का निर्देश दिया था। बाद में यह अवधि बढ़ाकर 30 जून कर दी गई। डीजीटी के इस निर्णय के विरोध में कुछ आईटीआई संचालक दिल्ली हाईकोर्ट पहुंच गए थे, लेकिन हाईकोर्ट ने महानिदेशालय के निर्णय को सही ठहराया। कोर्ट के निर्देश के बाद, डीजीटी ने जानकारी अपलोड करने की अंतिम तिथि पहले 7 अगस्त और फिर 3 सितंबर तक बढ़ाई। इन अंतिम निर्देशों का भी पालन न करने पर, 54 संस्थानों में एडमिशन पर रोक लगा दी गई, जिससे करीब साढ़े चार हजार सीटें खाली रह जाएंगी और छात्र-छात्राओं को प्रशिक्षण का मौका नहीं मिल पाएगा। निदेशालय ने इसे निर्देशों की अवहेलना मानते हुए कार्रवाई की है।
जुर्माने के साथ मिला आखिरी मौका
आईटीआई संचालक संघ के अनुरोध पर, डीजीटी ने संस्थानों को जुर्माने के साथ जानकारी अपलोड करने का कई बार मौका दिया। यह प्रक्रिया 16 से 18 सितंबर के बीच शुरू हुई और दिसंबर तक जारी है।
| अवधि | प्रति यूनिट (ट्रेड) जुर्माना |
|---|---|
| 19 से 25 सितम्बर | 50,000 रुपये |
| 28 सितम्बर से 12 अक्तूबर | 75,000 रुपये |
| 19 अक्तूबर से 2 नवम्बर | 1,00,000 रुपये |
| 3 से 17 नवम्बर | 1,25,000 रुपये |
| 18 नवम्बर से 31 दिसम्बर | 1,50,000 रुपये |
यह तालिका दर्शाती है कि डीजीटी ने संस्थानों को कई मौके दिए, लेकिन लगातार बढ़ती जुर्माने की राशि के बावजूद कई संस्थान समय पर जानकारी अपलोड नहीं कर पाए। अब, इन संस्थानों के छात्रों को इस सत्र में दाखिले से वंचित रहना होगा, भले ही वे जुर्माना भरकर जानकारी अपलोड कर दें, क्योंकि एडमिशन की अंतिम तिथियां बीत चुकी हैं।
छात्रों के लिए आगे क्या?
इस फैसले से बिहार में कौशल विकास के इच्छुक हजारों छात्रों के सामने अनिश्चितता की स्थिति पैदा हो गई है। जिन संस्थानों में दाखिले पर रोक लगी है, वहां के छात्रों को अगले सत्र का इंतजार करना होगा या अन्य मान्यता प्राप्त संस्थानों में अवसर तलाशने होंगे। सरकार का यह कदम निजी आईटीआई में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।







