Bihar Cabinet: बिहार में बिजली व्यवस्था को मजबूत करने, सड़कों के विकास और छात्रों के लिए हॉस्टल की सुविधा से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को बिहार कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में 28 अक्टूबर 2026 को हुई कैबिनेट बैठक में कुल 44 एजेंडों पर मुहर लगाई गई। इस बैठक में उद्योग, पुलिस, रेलवे, शिक्षा, स्वास्थ्य, सूचना तकनीक और जल संसाधन जैसे अहम क्षेत्रों से जुड़े कई बड़े फैसले लिए गए, जिनका सीधा असर राज्य के आम जनजीवन पर पड़ेगा।
बिहार कैबिनेट बैठक में 44 एजेंडों पर मुहर
आज सीएम सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बिहार कैबिनेट की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में 44 एजेंडों पर मुहर लगाई गई। सीएम ने किशनगंज के ठाकुरगंज में इमेज स्टार्च उत्पादन इकाई की स्थापना के लिए 88 करोड़ 62 लाख रुपए के पूंजी निवेश की स्वीकृति दी है।
इकाई की स्थापना होने से 217 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कामगारों का नियोजन होगा। सूक्ष्म एवं लघु उद्यम सुविधा परिषद नियमावली 2026 की स्वीकृति दी गयी है।
एक करोड़ उद्यमी परिवार सशक्त बिहार का आधार को लेकर बिहार एमएसएमई नीति 2026 की स्वीकृति मिली है। नीति के अंतर्गत 5 वर्षों में एक करोड़ परिवार को उद्यमी बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया।
एक करोड़ प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार सृजन साख जमा अनुपात को 75% तक ले जाना और प्रत्येक जिले में एक क्लस्टर तथा सभी 38 जिलों में एमएसएमई केंद्र स्थापित करने का लक्ष्य है।
गोपालगंज के बैकुंठपुर में ग्रीन बेस्ट एथेनॉल उत्पादन इकाई की स्थापना के लिए 97 करोड़ 80 लाख 18000 रुपए की स्वीकृति मिली है। इकाई की स्थापना होने से 210 कामगारों का नियोजन होगा।
बिजली विभाग की योजनाओं के लिए 11096 करोड़ 55 लाख की स्वीकृति मिली है। आर्थिक अपराध इकाई के बढ़ते कार्य को देखते हुए 143 पदों के सृजन की स्वीकृति मिली है।
सोनपुर में ग्रीनफील्ड सैटलाइट टाउनशिप, अंतरराष्ट्रीय ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा, फिल्म सिटी, शैक्षणिक संस्थाओं एवं विकास कार्य को ध्यान में रखते हुए सोनपुर आयोजन क्षेत्र के विस्तार की स्वीकृति मिली है। ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप क्षेत्र में भूमि के क्रय विक्रय और हस्तांतरण पर लगे प्रतिबंध को हटाने की स्वीकृति मिली है।
बिजली-सड़क पर बड़ा खर्च, औद्योगिक विकास को रफ्तार
राज्य की बिजली वितरण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अगले अधिकतम तीन साल में 11096.55 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना को स्वीकृति मिली है। इसमें नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के लिए 6066 करोड़ रुपये और साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के लिए 5030.55 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। दोनों कंपनियां इस योजना के लिए बैंकों और वित्तीय संस्थानों से कर्ज लेंगी। इसके अतिरिक्त, दरभंगा और खगौल के ग्रिड उपकेंद्रों में 200 एमवीए के दो पावर ट्रांसफॉर्मर लगाने के लिए 33.44 करोड़ रुपये की योजना भी मंजूर हुई है।
सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर को गति देने के लिए पटना में अंडरग्राउंड रोड कॉरिडोर विकसित करने की स्टडी को 18.21 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से मंजूरी मिली है। बक्सर-आरा-मनेर के 90 किलोमीटर लंबे विश्वामित्र पथ, 56 किलोमीटर लंबे गंगा अम्बिका पथ और गोपालगंज के 73.51 किलोमीटर लंबे नारायणी पथ से जुड़े कार्यों को भी हरी झंडी मिली है। इन तीनों सड़कों के लिए सलाहकार सेवाएं लेने पर लगभग 37.10 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। विश्वामित्र पथ की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट, जमीन अधिग्रहण और जरूरी मंजूरी से जुड़े कामों के लिए 2.60 करोड़ रुपये, वहीं नारायणी पथ के लिए इन कामों पर 2.10 करोड़ रुपये मंजूर हुए हैं। भागलपुर में दीनदयाल उपाध्याय चौक से भवनपुरा पथ तक 8.35 किलोमीटर लंबी सड़क को चौड़ा और मजबूत करने के लिए 68.68 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत को भी स्वीकृति मिली है।
रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए, सुपौल-अररिया नई रेल लाइन परियोजना के लिए राज्य सरकार की जमीन रेलवे मंत्रालय को हस्तांतरित करने के प्रस्तावों को मंजूरी मिली है। सुपौल के पिपरा क्षेत्र में लगभग 3.13 एकड़ जमीन के लिए 66.97 लाख रुपये और त्रिवेणीगंज-पिपरा क्षेत्र में लगभग 21.48 एकड़ जमीन के लिए 4.22 करोड़ रुपये के भुगतान का प्रस्ताव मंजूर हुआ है।
औद्योगिक विकास के मोर्चे पर, मुजफ्फरपुर के मोतीपुर में बंद पड़ी बिहार राज्य चीनी निगम की इकाई की 151.58 एकड़ जमीन उद्योग विभाग को सौंपने की मंजूरी मिली है। इस जमीन पर दूसरे उद्योग स्थापित करने की योजना है। नवादा जिले के वारिसलीगंज क्षेत्र में नई चीनी मिल और गन्ने से बनने वाले दूसरे उत्पादों पर आधारित इकाइयां लगाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली है, जिसे इंडियन पोटाश लिमिटेड लगाएगी। बैंक मूल्यांकन रिपोर्ट के आधार पर स्वीकृत परियोजना लागत का 40 प्रतिशत वित्तीय सहयोग देने का भी निर्णय लिया गया है। इसके अलावा, किशनगंज के ठाकुरगंज में एक कंपनी को औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमों के तहत वित्तीय सहायता देने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली है। कैबिनेट ने बिहार बायो-फ्यूल और कंप्रेस्ड बायो गैस उत्पादन प्रोत्साहन नीति 2026, बिहार एमएसएमई नीति 2026 और मुख्यमंत्री सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग क्लस्टर विकास योजना 2026 से जुड़े प्रस्तावों को भी मंजूरी दी है।
पुलिस, न्याय और AI में बड़े बदलाव
राज्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के इस्तेमाल को लेकर बिहार AI पॉलिसी 2026 को मंजूरी दी गई है। आम लोगों को सरकारी सेवाओं और उनसे जुड़ी जानकारी WhatsApp के जरिए उपलब्ध कराने के लिए BSNL का चयन करने और योजना लागू करने पर 2.34 करोड़ रुपये खर्च करने की मंजूरी मिली है।
पुलिस व्यवस्था में सुधार के तहत, बिहार के मोतिहारी, पूर्णिया और सारण जिलों में नगर पुलिस अधीक्षक कार्यालयों के कामकाज के लिए तीन एसपी स्तर के पदों समेत कुल 12 नए पद बनाने को मंजूरी मिली है। भागलपुर में विधि-व्यवस्था से जुड़े पुलिस पदों के ढांचे में बदलाव को भी स्वीकृति मिली है। आर्थिक अपराध इकाई के विस्तार और क्षमता बढ़ाने के लिए क्षेत्रीय इकाइयों में 143 पद बनाने का प्रस्ताव मंजूर हुआ है। राज्य के फॉरेंसिक कार्यालयों को पुलिस के नियंत्रण से अलग कर गृह विभाग के सीधे नियंत्रण में रखने और उनके लिए निदेशालय की व्यवस्था बनाने से जुड़े प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली है।
न्यायिक क्षेत्र में, मधुबनी न्यायमंडल में NDPS कानून के तहत दर्ज मामलों की जल्द सुनवाई के लिए विशेष अदालत बनाने और एक जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश का पद बनाने को मंजूरी मिली है। पटना में एक करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के व्यावसायिक मामलों की सुनवाई के लिए दो अतिरिक्त विशेष वाणिज्यिक अदालतें बनाने और दो न्यायिक पदों के सृजन को भी स्वीकृति मिली है।
प्रशासनिक फैसलों में, बिहार सूचना आयोग में एक अतिरिक्त राज्य सूचना आयुक्त का पद बनाने, बिहार सचिवालय सेवा संशोधन नियमावली 2026 को मंजूरी देने और बिहार प्रशासनिक सेवा के अलग-अलग ग्रेड के पदों के पुनर्गठन का फैसला भी लिया गया है।
खेल, कृषि और आपदा प्रबंधन पर भी अहम फैसले
बिहार राज्य खेल-2026 के आयोजन के लिए बिहार ओलंपिक संघ को 12 करोड़ रुपये उपलब्ध कराने की मंजूरी दी गई है। कृषि क्षेत्र में, 2026-27 में बीज की गुणवत्ता जांच मजबूत करने, बीज से जुड़ी सुविधाओं को बेहतर बनाने और राष्ट्रीय बीज भंडारण के काम के लिए लगभग 11.83 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी मिली है। सूक्ष्म और लघु उद्योग सुविधा परिषद नियमावली 2026 को भी स्वीकृति मिली है।
कुछ अन्य महत्वपूर्ण फैसलों में, पशु आहार के लिए जरूरी कोलीन तथा बायोडीजल और फॉर्मल्डिहाइड बनाने में इस्तेमाल होने वाले मेथनॉल के आयात से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। बिहार से बाहर औद्योगिक इस्तेमाल के लिए भेजे जाने वाले इथेनॉल में तय मानक के अनुसार 12 पदार्थों के मिश्रण से जुड़े प्रस्ताव को भी स्वीकृति मिली है।
हवाई पट्टी और आपदा प्रबंधन के लिए भी अहम निर्णय लिए गए हैं। सहरसा हवाई पट्टी की 1,000 वर्ग मीटर जमीन को उड़ान प्रशिक्षण संस्थान और उससे जुड़ी गतिविधियों के लिए GRD एयर अकादमी को 30 साल के पट्टे पर देने को मंजूरी मिली है। उड़ान योजना के तहत मई 2026 से सितंबर 2028 तक भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण को व्यवहार्यता अंतर निधि के रूप में हर महीने 1.5 करोड़ रुपये देने की मंजूरी भी दी गई है, जो कुल 29 महीनों के लिए 43.50 करोड़ रुपये होगी। कोसी, गंडक और सोन नदियों के बाढ़ क्षेत्र की पहचान से जुड़े अध्ययन के लिए 1.99 करोड़ रुपये मंजूर हुए हैं। राष्ट्रीय बांध सुरक्षा अधिनियम 2021 के तहत बिहार के 24 बांधों की स्थिति और सुरक्षा का आकलन करने, डिजाइन के आधार पर बाढ़ का आकलन करने, आपातकालीन कार्य योजना बनाने और रखरखाव का मैनुअल तैयार करने के लिए लगभग 8.39 करोड़ रुपये की मंजूरी मिली है।
इसके साथ ही, ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप क्षेत्रों में जमीन की खरीद-बिक्री और हस्तांतरण पर लगी रोक हटाने तथा सोनपुर आयोजना क्षेत्र का दायरा बढ़ाने के प्रस्तावों को भी मंजूरी मिली है। क्षेत्रीय कार्यालयों के पुनर्गठन के तहत चार पदों को स्थानांतरित करने और कामकाज के लिए अलग-अलग श्रेणियों के 20 पद बनाने की भी स्वीकृति मिली है।

















