Bihar Drug Complaint: बिहार में नकली और अवमानक दवाओं के खिलाफ अब सीधे शिकायत करना आसान हो गया है। स्वास्थ्य विभाग ने इस गंभीर समस्या पर लगाम कसने के लिए एक नई व्यवस्था लागू की है, जिसके तहत नागरिक सीधे अपनी शिकायतें दर्ज करा सकेंगे। यह कदम स्वास्थ्य मंत्री निशांत के निर्देश पर उठाया गया है, जिससे राज्य में दवा की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके।
विभाग द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, लोग किसी भी समय [email protected] पर ईमेल भेजकर नकली या घटिया दवाओं के संबंध में शिकायत कर सकते हैं। इसके अलावा, 0612-4619634 नंबर पर सोमवार से शुक्रवार सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच फोन करके भी अपनी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। स्वास्थ्य विभाग ने यह स्पष्ट किया है कि शिकायतकर्ताओं की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और सभी शिकायतों की जांच के बाद नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस पहल से आम जनता को स्वास्थ्य संबंधी धोखाधड़ी के खिलाफ आवाज उठाने का सीधा मंच मिला है।

खाद्य सुरक्षा पर भी सरकार का प्रहार, लाखों की सामग्री जब्त
एक ओर जहां दवाओं पर शिकंजा कसा जा रहा है, वहीं दूसरी ओर खाद्य संरक्षा विभाग ने भी राज्य में खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर ताबड़तोड़ कार्रवाई की है। कई प्रतिष्ठानों के खिलाफ सख्त कदम उठाए गए हैं, जिससे उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ मिल सकें।
| प्रतिष्ठान का नाम | शहर | कार्रवाई का विवरण |
|---|---|---|
| Shakera Food Products | पटना | 9,600 किलोग्राम सामग्री जब्त, लाइसेंस निलंबित करने की कार्रवाई शुरू। |
| Jaya Nutrition Pvt. Ltd. | दीदारगंज | खाद्य-अखाद्य पदार्थ साथ रखने और पैकेट पर बैच नंबर व निर्माण तिथि स्पष्ट न होने पर 14 दिनों का सुधार नोटिस जारी। |
| Akanksha Foods Pvt. Ltd. | पटना | खुले आटे का नमूना जांच के लिए भेजा गया, 14 दिनों का सुधार नोटिस। |
| Sudha Milk Parlour | सीतामढ़ी | ₹824 मूल्य की एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री जब्त कर नष्ट की गई। |
| Gupta Oil Mill | गोपालगंज | सरसों तेल का नमूना जांच के लिए लिया गया, एक सप्ताह के लिए मैन्युफैक्चरिंग बंद कराई गई। |
| Bikaner Elite Retail | पटना | पेड़ा का नमूना जांच के लिए भेजा गया, पानी की जांच रिपोर्ट और कर्मचारियों के मेडिकल फिटनेस सहित जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत करने का निर्देश। |
खाद्य संरक्षा विभाग ने पटना में ₹24 लाख मूल्य की सामग्री जब्त की है, साथ ही कई अन्य प्रतिष्ठानों को सुधार नोटिस भी जारी किए गए हैं। इन कार्रवाइयों का उद्देश्य खाद्य पदार्थों में मिलावट और अवमानक उत्पादों की बिक्री पर अंकुश लगाना है, जिससे लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ न हो। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि हर नागरिक को शुद्ध और सुरक्षित भोजन उपलब्ध हो।
बिहार स्वास्थ्य विभाग ने नकली दवाओं पर अंकुश लगाने और खाद्य सुरक्षा मानकों को बनाए रखने के लिए कमर कस ली है। नए शिकायत तंत्र और जारी सख्त कार्रवाइयों से राज्य में सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की उम्मीद है।
इन लगातार हो रही कार्रवाइयों से यह स्पष्ट है कि बिहार सरकार स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा को लेकर गंभीर है। आने वाले समय में इन पहलों से राज्य में नकली उत्पादों के कारोबार पर और भी प्रभावी ढंग से रोक लग सकेगी और नागरिकों को बेहतर गुणवत्ता वाले उत्पाद मिल पाएंगे।

















